पुराने बिल,नई निकासी, तिलाईदादर में 15वें वित्त की राशि पुराने बिलों के सहारे आहरण!

सारंगढ़-बिलाईगढ़ /- जनपद पंचायत सारंगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत तिलाईदादर में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार की तमाम सीमाएं लांघ दी गई हैं। शासन द्वारा ग्रामीण विकास और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आवंटित 15वें वित्त आयोग की राशि पर पंचायत प्रतिनिधियों एवं जिम्मेदारों की बदनीयत भारी पड़ती दिख रही है। ताज़ा मामले में सार्वजनिक धन के खुलेआम दुरुपयोग और भारी वित्तीय अनियमितता का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
पुराने बिलों के ज़रिए 2026 में राशि आहरण का खेल
उपलब्ध बिलों के प्रमाणों से यह स्पष्ट होता है कि ग्राम पंचायत तिलाईदादर में वर्ष 2023 और 2024 के पुराने बिलों को लगाकर वर्ष 2026 में 15वें वित्त की राशि का आहरण किया गया है। फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए अलग-अलग सप्लायरों और फर्मों के पुराने बिलों का इस्तेमाल किया गया है:
1. गणेश जायसवाल होटल एंड जनरल स्टोर्स (क्रमांक 34, दिनांक 26/01/2024)
विवरण: 15 अगस्त 2023 और 26 जनवरी 2024 का मिष्ठान वितरण (बूंदी) बाबत बिल।
राशि: ₹15,000/-
2.देवांगन स्टेशनरी (क्रमांक 617, दिनांक 05/02/2023)
विवरण: फाइल, रजिस्टर, फोटोकॉपी, कंप्यूटर कार्य आदि स्टेशनरी सामान।
राशि: ₹36,250/-
3. देवांगन स्टेशनरी (क्रमांक 548, दिनांक 04/06/2024)
विवरण: फाइल, रजिस्टर, फोटोकॉपी, प्रपत्र एवं प्रिंट आउट।
राशि: ₹24,680/-
4.जाटवर कंस्ट्रक्शन (क्रमांक 491, दिनांक 30/10/2024)
विवरण: हैंडपंप पाइप, राड, सबमर्सिबल, केबल आदि।
राशि: ₹45,000/-
5. जाटवर कंस्ट्रक्शन (क्रमांक 497, दिनांक 28/04/2024)
विवरण: हैंडपंप पाइप, राड, सबमर्सिबल एवं हैंडपंप फिटिंग चार्ज।
राशि: ₹24,000/-
6.जाटवर कंस्ट्रक्शन (क्रमांक 499, दिनांक 15/05/2024):
विवरण: केसिंग।
राशि: ₹25,000/-
7. जाटवर कंस्ट्रक्शन (क्रमांक 498, दिनांक 14/05/2024)
विवरण: बोर खनन, साल्वेंट एवं केसिंग पाइप।
राशि: ₹1,35,000/-
8. भागीरथी चन्द्रा (क्रमांक 629, दिनांक 25/06/2024)
विवरण: सीमेंट, गिट्टी, पत्थर, ईंट, रेती, मजदूरी भुगतान एवं सेंट्रिंग सामान किराया।
राशि: ₹86,993/-
विकास का आवरण, भीतर सिर्फ निजी स्वार्थ
वर्षों पुराने कार्यकालों के बिलों का इस तरह उपयोग कर सरकारी खजाने से राशि निकालना सीधे तौर पर कागजी लीपापोती और जेब भरने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। बिना किसी वर्तमान भौतिक सत्यापन के पुराने बिल भुनाना वित्तीय नियमों का घोर उल्लंघन है।
गंभीर सवाल:
1. वर्ष 2023 और 2024 के बिलों पर 2026 में भुगतान का अनुमोदन किस आधार पर किया गया?
2. इन बिलों में दर्शाए गए कार्यों का वास्तविक रूप से कितना अस्तित्व है?
ज़ब उक्त सम्बन्ध में सरपंच को फोन के माध्यम से जानकारी लेनी चाही तो कॉल रिसिब नही किया गया।
इस पूरे मामले में निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई और राशि की रिकवरी की मांग की जाएगी













