सांसद निधि के ₹91.73 लाख की धोखाधड़ी, ठेकेदार ‘महावीर ट्रेडर्स’ के संचालक पर FIR दर्ज।

रायगढ़ (छत्तीसगढ़) / सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत स्वीकृत विकास कार्यों में धोखाधड़ी और शासकीय राशि हड़पने का एक बड़ा मामला सामने आया है। चक्रधरनगर पुलिस ने जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी की शिकायत पर ‘महावीर ट्रेडर्स’ (कोसीर, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़) के संचालक के खिलाफ भादंवि (IPC) की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्यसभा सांसद श्री के.टी.एस. तुलसी द्वारा जनपद पंचायत पुसौर के ग्राम पंचायत एकताल, धनुवारडेरा और मिडमिडा में विकास कार्यों के लिए कुल 119.00 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। इन कार्यों में बोर खनन, जल प्रदाय/पानी टंकी निर्माण, सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापना और सीसी रोड निर्माण शामिल थे।
इन निर्माण कार्यों की पहली किश्त के रूप में ₹91,73,976 (इक्कान्नबे लाख तिहत्तर हजार नौ सौ छिहत्तर रुपये) की राशि ऑनलाइन PFMS प्रणाली के माध्यम से संबंधित ठेका फर्म महावीर ट्रेडर्स के खाते में स्थानांतरित की गई थी।
राशि लेने के बावजूद नहीं कराया काम
अनुबंध के तहत ठेकेदार को यह कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा करना था। परंतु, पहली किश्त की पूरी राशि मिलने के बावजूद फर्म ने काम शुरू नहीं किया। ग्राम एकताल में केवल तीन बोर उत्खनन कराने के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं कराया गया।
कार्यालय द्वारा लगातार नोटिस दिए जाने और अंतिम चेतावनी (7 दिवस के भीतर कार्य शुरू करने का अल्टीमेटम) जारी करने के बाद भी संबंधित फर्म ने असंतोषजनक जवाब दिया और कार्य प्रारंभ नहीं किया।
पुलिस में शिकायत और एफआईआर
जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी श्री सिल्वेस्टर कुजूर की लिखित शिकायत पर चक्रधरनगर थाना में आरोपी महावीर शायर (पिता स्व. विजय सिंह शायर, संचालक – महावीर ट्रेडर्स, बाजार चौक कोसीर) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध पंजीकृत कर वैधानिक जांच शुरू कर दी है, वहीं जिला प्रशासन द्वारा ठेका निरस्त कर दी गई राशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
संबंधित पक्ष का जवाब: इस संबंध में महावीर शायर से फोन के माध्यम से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। फिलहाल उनका जवाब प्राप्त होना बाकी है। जैसे ही उनका पक्ष प्राप्त होगा, उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




