सारंगढ

ग्राम पंचायत कोसीर में 15वें वित्त में लगा फर्जी बिल,विकास कार्य ठप,अधिकारी मौन?

सारंगढ़ – सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक विशेष योजना 15 वें वित्त को भी माना जाता है छत्तीसगढ़ राज्य के ग्राम पंचायतों में 15 वें वित्त योजना को दो भागो में विभाजित किया गया है। एक टाईट फंड और दूसरा अन्टाईट फंड जिसपे स्वच्छता, नाली,पानी,बोर, पचरी साफ,सफाई सभी पर इस राशि को व्यय किया जाना रहता है। जिस राशि व्यय करने के लिए रजिस्ट्रेशन GST बिल धारक जिसके पास जीवित फर्म संचालित होना अति आवश्यक है। फर्म यानी दुकान जहां छड़,सीमेंट,गिट्टी,रेत वगैरह उपलब्ध होना चाहिए।

हम बात कर रहें हैं सारंगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कोसीर क़ी,जहां 15वें वित्त योजना की राशि का दुरुपयोग किया गया, जो कि एक गंभीर अपराध है। सरपंच और सचिव ने मिलीभगत कर फर्जी बिल लगाकर सरकारी राशि गबन किया, जो कि ग्रामीणों के विकास के लिए आवंटित राशि का दुरुपयोग है।

ग्राम पंचायत कोसीर के सरपंच सचिव द्वारा दर्जनों फर्जी बिल लगाया गया है, आपको बता दें बिना GST बिल के सहारे राशि आहरण किया गया और शासन कों टैक्स से वंचित रखा गया, वहीं 15वें वित्त राशि कों आहरण करने के लिए टिन नंबर के साथ GST बिल होना आवश्यक है। लेकिन उक्त ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव की मंसा विकास कार्य कों प्रभावित कर रहा, क्योंकि फर्जी बिल के सहारे वित्त की राशि लाखों रूपये को आहरण किया गया, और अपने जेब भरकर शासन को गुमराह किया गया है।

तर्क……..

अगर ग्राम पंचायत में बिना GST बिल का राशि आहारण किया गया है, तो ये साफ जाहिर है कि विकास कार्य प्रभावित हुआ है और शायद सामग्री की खरीद ही नहीं हुई है। दुकान से सामग्री ली जाती, तो पक्का बिल मिलता। ये फर्जी बिलों का खेल सिर्फ सरकारी धन का गबन है।

संभावित कारण…..
    – सरपंच-सचिव ने मिलकर पैसा कमाया।
    – फर्जी बिलों के जरिए सरकारी राशि निकाली गई।
    – विकास कार्य सिर्फ कागजों में हुए, जमीन पर कुछ नहीं।

यह मामला चिंताजनक है, क्योंकि इसमें सरकारी राशि का गबन किया गया है और ग्रामीणों के हितों की अनदेखी की गई है। यह जरूरी है कि संबंधित अधिकारी इस मामले की जांच करें और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें, जिससे कि भ्रष्टाचार करने वाले सरपंच और सचिव राशि गबन करने से पहले सोच सकें।

ग्रामीणों के हित में यह आवश्यक है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए और सरकारी राशि का सही तरीके से उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

सारंगढ़ जनपद के लगातार कई ग्राम पंचायतों की खबर प्रकाशित किया गया,जो फर्जी बिल के सहारे पैसा आहारण किया गया है, लेकिन अधिकारी कर्मचारी इस पर अब तक कोई संज्ञान नहीं लिए है, क्या इस भ्र्ष्टाचार को बढ़ावा सारंगढ़ जनपद के अधिकारी कर्मचारी का सरक्षण है, क्योंकि बार बार भ्रष्टाचार के खिलाफ लिखने से भी सारंगढ़ में कोई कार्यवाही नहीं की रही!

देखना अब यह है की इस खबर प्रकाशन के बाद भी कोई कार्यवाही होती है या नहीं या फिर अन्य पंचायतों को सरक्षण मिला है वैसा ही ग्राम पंचायत कोसीर को मिलेगा!

ज़ब इस विषय पर जानकारी के लिए सरपंच को कॉल किया गया तो कॉल रिसीब नहीं किया।

KRISHNA MAHILANE

EDITOR IN CHIEF https://teekhi-mirchi.com CONTACT US- 6260567537

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

BREAKING
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में निजी स्कूलों की मनमानी: बिलाईगढ़ के मंधाईभाठा स्थित 'विनायक अकादमी' के तुगलकी... सांसद निधि के ₹91.73 लाख की धोखाधड़ी, ठेकेदार ‘महावीर ट्रेडर्स’ के संचालक पर FIR दर्ज। छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा का रायपुर में ऐतिहासिक महासम्मेलन सम्पन्न.. पत्रकार जगन्नाथ बैरागी ने वृद्धाश्रम में मनाया जन्मदिन.. निर्माण कार्य पूर्ण, फिर भी भुगतान के लिए भटक रहीं ग्राम पंचायतें। नवरात्रि शक्ति, साहस और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक: राहुल भारद्वाज बिलाईगढ़ विधानसभा में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की बैठक संपन्न, 2028 चुनाव में जीत का संकल्प राष्ट्रीय मतदाता जागरूकता कार्यक्रम विशेष शिविर का आयोजन भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का सारंगढ़ विधानसभा स्तरीय बैठक संपन्न,प्रदेश अध्यक्ष डॉ सनम जांगड़े रहे ... पुराने बिल,नई निकासी, तिलाईदादर में 15वें वित्त की राशि पुराने बिलों के सहारे आहरण!