महिला सम्मान योजना के नाम पर महाठगी: सारंगढ़ में भोली-भाली महिलाओं से 1.5 करोड़ की धोखाधड़ी, किश्तें वसूलने पहुंचे बैंक कर्मी तो खुली पोल!

सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कपिरदा ‘ब’ से धोखाधड़ी और ठगी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ ‘छ.ग. युवा समाज सुधार समिति’ की ‘नारी नारी रक्षा सम्मान निधि योजना’ की आड़ में ग्रामीण महिलाओं के साथ डेढ़ करोड़ रुपये ($1,50,00,000$) से अधिक की बड़ी ठगी को अंजाम दिया गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को शिकायती पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई और बैंक किस्तों को माफ कराने की मांग की है।
दोगुना पैसा करने और किश्त खुद भरने का दिया झांसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव की ही आरोपी महिला गीता राठिया (पति देवपाल राठिया) ने अपने सहयोगियों मोहरमती सिदार और धजाराम सिदार के साथ मिलकर गांव के भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाया। आरोपियों ने ग्रामीणों को लालच दिया कि वे विभिन्न माइक्रोफाइनेंस बैंकों (जैसे LNT, FEDERAL, ANNPURNA, SUMAN आदि) से समूह लोन (किस्त राशि) लें। आरोपियों ने वादा किया था कि वे इस रकम को दोगुना करके देंगे और लोन की किस्तों का भुगतान भी वे खुद करेंगे।
पासबुक और आधार कार्ड भी रख लिए अपने पास
झांसे में आकर महिलाओं ने बैंकों से लोन लेकर पूरी राशि गीता राठिया और उसके पति के हाथों में सौंप दी। इतना ही नहीं, आरोपी गीता राठिया ने ठगी को छुपाने और महिलाओं को लाचार बनाए रखने के लिए लगभग सभी पीड़ित महिलाओं के बैंक खाते और असली आधार कार्ड भी अपने घर में जबरन रख लिए हैं।
अब घर पर आ रहे बैंक कर्मी, आरोपी दे रही धमकी
जब बैंकों की किस्तें जमा नहीं हुईं, तो बैंक कर्मचारियों ने वसूली के लिए पीड़ित महिलाओं के घरों पर चक्कर काटना शुरू कर दिया। परेशान ग्रामीण जब गीता राठिया के पास गुहार लगाने पहुंचे, तो उसने साफ मुकरते हुए ग्रामीणों को प्रताड़ित करना और घर आने पर मना करना शुरू कर दिया। वह ग्रामीणों को यह कहकर गुमराह कर रही है कि उसने सारा पैसा ‘दिनेश बंजारे’ नामक व्यक्ति को दे दिया है। वहीं, पंचनामे में खुलासा हुआ है कि दिनेश बंजारे की पत्नी उत्तम बंजारे के घर से 1,70,000 रुपये नगद राशि को लेकर भी ग्रामीण आक्रोशित हैं। आरोपी महिला अब पीड़ितों को पुलिस में शिकायत करने पर भुगत लेने की धमकी भी दे रही है।
सरपंच और ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, निष्पक्ष जांच की मांग
इस महाठगी के विरोध में ग्राम पंचायत कपिरदा ‘ब’ की सरपंच शांति चौहान, पंचों, कोटवार दिलीप महंत सहित 40 से अधिक पीड़ित ग्रामीणों (जिनमें रजनी, मिथिला, राधिका, अमृत, लक्ष्मी, फूलकुमारी, सुमित्रा, कस्तूरी सहित भारी संख्या में महिलाएं शामिल हैं) ने थाना प्रभारी को संयुक्त हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सौंपा है।
ग्रामीणों की मांगें:
1 आरोपियों की संपत्ति, बैंक ट्रांजैक्शन और पूरे परिवार के आधार कार्ड व खातों की साइबर पुलिस व कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से उच्च स्तरीय जांच हो।
2 जब तक मामले का निराकरण नहीं हो जाता, तब तक पीड़ितों की बैंक किस्तें रोकी या माफ की जाएं।
3 भोली-भाली जनता को प्रताड़ित करने वाले ठग गिरोह के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस संगठित ठग गिरोह पर कितनी जल्दी शिकंजा कसता है और इन पीड़ित महिलाओं को न्याय दिला पाता है।








