सारंगढ

नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़: NH के किनारे 10×10 के डब्बो में चल रहा ‘सिद्धि विनायक विद्या मंदिर हरदी।

अफसरों की मेहरबानी या बिकाऊ व्यवस्था? कागज़ों में महल, ज़मीन पर दुकान…सारंगढ़ के स्कूल में बड़ा फ़र्ज़ीवाड़ा!

सारंगढ़-बिलाईगढ़: – राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के मुहाने पर, फर्राटा भरते भारी वाहनों के शोर और जानलेवा खतरे के बीच बच्चों के भविष्य का सौदा किया जा रहा है। सारंगढ़ विकासखंड के हरदी स्थित ‘सिद्धि विनायक विद्या मंदिर‘ में शिक्षा के नाम पर बच्चों को हादसों के मुहाने पर धकेला जा रहा है। बिना निर्धारित मानकों के, 10×10 फीट के छोटे-छोटे दुकाननुमा कमरों में चल रहे इस स्कूल की गंभीर अनियमितताओं को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से शिकायत की गई है।

मानकों को ताक पर रख चल रही ‘शिक्षा की दुकान’
जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे गए शिकायत पत्र में स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग की सांठगांठ पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। नियमों के मुताबिक किसी भी स्कूल को मान्यता के लिए सुरक्षित भवन, खेल मैदान, पृथक शौचालय, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, पेयजल और अग्निशमन यंत्र जैसे मानकों को पूरा करना अनिवार्य होता है। लेकिन धरातल पर यह स्कूल महज दुकाननुमा कमरों में सिमटा हुआ है।

दूकाननुमा स्कूल का फोटो

शिकायत पत्र में उठाए गए मुख्य बिंदु:

हादसे को न्योता: – स्कूल भवन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) से एकदम सटकर स्थित है, जहां हर समय भीषण सड़क दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

दुकाननुमा कमरों में कक्षाएं : – 10×10 फीट की संकरी जगहों में नर्सरी से 8वीं तक के बच्चों को ठूंसकर बिठाया जा रहा है।

बुनियादी सुविधाओं का अकाल : – स्कूल में न तो सुरक्षित खेल मैदान है, न छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय और न ही आपात स्थिति के लिए अग्निशमन यंत्र या सुरक्षित पहुंच मार्ग मौजूद है।

कागजी दस्तावेज vs धरातल : –  आरोप है कि मान्यता और नवीनीकरण प्राप्त करने के लिए कागजों में तो तमाम सुविधाएं दिखाई गईं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।

खेल मैदान का अभाव: स्कूल परिसर में सुरक्षित खेल का मैदान न होने से बच्चे शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी खेलकूद की गतिविधियों से वंचित हैं।

आकस्मिक जांच और मान्यता रद्द करने की मांग
शिकायतकर्ता ने DEO सारंगढ़-बिलाईगढ़ से मांग की है कि बिना पूर्व सूचना के एक संयुक्त टीम गठित कर स्कूल का सरप्राइज इंस्पेक्शन (आकस्मिक स्थल निरीक्षण) कराया जाए। साथ ही, कमरे का क्षेत्रफल, NH से दूरी, छात्रों की संख्या और सुरक्षा मानकों की वीडियोग्राफी कराकर पंचनामा तैयार किया जाए। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मान्यता देने/लेने वाले दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।

KRISHNA MAHILANE

EDITOR IN CHIEF https://teekhi-mirchi.com CONTACT US- 6260567537

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

BREAKING
सांसद निधि के ₹91.73 लाख की धोखाधड़ी, ठेकेदार ‘महावीर ट्रेडर्स’ के संचालक पर FIR दर्ज। छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा का रायपुर में ऐतिहासिक महासम्मेलन सम्पन्न.. पत्रकार जगन्नाथ बैरागी ने वृद्धाश्रम में मनाया जन्मदिन.. निर्माण कार्य पूर्ण, फिर भी भुगतान के लिए भटक रहीं ग्राम पंचायतें। नवरात्रि शक्ति, साहस और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक: राहुल भारद्वाज बिलाईगढ़ विधानसभा में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की बैठक संपन्न, 2028 चुनाव में जीत का संकल्प राष्ट्रीय मतदाता जागरूकता कार्यक्रम विशेष शिविर का आयोजन भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का सारंगढ़ विधानसभा स्तरीय बैठक संपन्न,प्रदेश अध्यक्ष डॉ सनम जांगड़े रहे ... पुराने बिल,नई निकासी, तिलाईदादर में 15वें वित्त की राशि पुराने बिलों के सहारे आहरण! कारगिल विजय दिवस पोस्टर मेकिंग व ड्रॉइंग प्रतियोगिता: टि्वंकल चौहान ने लहराया परचम, जीता प्रथम पुरस्...