सरपंच-सचिव के दस्तखत, लेकिन सामान नदारद! सुंदराभाठा में क्या केवल बिलों का खेल हुआ?

सारंगढ़ बिलाईगढ़ – जनपद पंचायत सारंगढ़ की ग्राम पंचायत सुंदराभाठा एक बार फिर सुर्खियों में है। 15वें वित्त आयोग की राशि से सामग्री खरीदी के नाम पर हुए भुगतान को लेकर भारी अनियमितता के आरोप लग रहे हैं। सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, सामग्री की खरीदी का कागजी हिसाब तो दर्ज है, लेकिन धरातल पर पंचायत को कोई सामग्री प्राप्त नहीं होने का दावा किया जा रहा है।
कागजों पर खरीदी, मौके पर गायब!
अचानकपाली स्थित ‘निलेश ट्रेडर्स’ के उपलब्ध कैश/क्रेडिट मेमो के अनुसार पंचायत द्वारा सीमेंट, रेत और गिट्टी जैसी निर्माण सामग्रियां खरीदी गई हैं। उपलब्ध बिलों में:
बिल क्रमांक 283 :- ₹31,400
बिल क्रमांक 289 :- ₹18,000
बिल क्रमांक 32 :- ₹23,700
इन तीन बिलों के माध्यम से कुल ₹73,100 का भुगतान दर्ज दिखाया गया है। बिलों पर पंचायत के सरपंच और सचिव के हस्ताक्षर व मुहर भी मौजूद हैं। इसके अलावा और लाखों के अनियमितता ग्राम पंचायत में भरे पड़े है
अहम सवाल: सामग्री आखिर गई कहां?
आरोप है कि संबंधित फर्म द्वारा केवल कागजी बिल उपलब्ध कराए गए और पंचायत तक कोई वास्तविक सामग्री नहीं पहुंची। यदि सामग्री खरीदी गई थी, तो:
इसका स्टॉक किस रजिस्टर में दर्ज है?
पंचायत के पास सामग्री प्राप्ति की पावती कहां है?
इन सामग्रियों का उपयोग किस निर्माण कार्य में किया गया?
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
स्थानीय ग्रामीणों और प्रतिनिधियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि बिल, भुगतान वाउचर, बैंक स्टेटमेंट, स्टॉक रजिस्टर और संबंधित कार्य का भौतिक सत्यापन कराने पर पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से राशि की वसूली के साथ-साथ कड़ा कानूनी कदम उठाया जाना तय माना जा रहा है।
अब सबकी नजरें जनपद पंचायत सारंगढ़ और संबंधित विभाग पर टिकी हैं कि क्या इस मामले पर कोई संज्ञान लेकर जांच बैठाई जाती है या नहीं।
ज़ब इस संबंध में सरपंच प्रतिनिधि से फोन के माध्यम जानकारी लेना चाहा तो वह कॉल उठाना जरुरी नही समझा
नोट: यह खबर उपलब्ध बिलों और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की निष्पक्ष पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।




