धान पंजीयन को लेकर सारंगढ़ तहसील में किसानों की जमावड़ा

छत्तीसगढ़ सरकार लगातार किसानों की हितैसी बन रहे है,किसानों के पक्ष में प्रदेश सरकार नये नये योजना निकालती दिख रही हो,लेकिन सारंगढ़ में किसानों के साथ हितैसी बनने में सरकार खरा नही उतर पा रही है।
दरअसल सारंगढ़ तहसील में इन दिनों किसानों की समस्या बढ़ती ही जा रही है, सारंगढ तहसील में सैकड़ो-हजारों की संख्या में किसान सप्ताह,महीनों भर से पटवारी और तहसील दफ्तर का चक्कर लगाने में मजबूर है…..किसानो का कहना है कि 10 नवम्बर तक धान पंजीयन का लास्ट है तिथि है। लेकिन यहां सैकड़ो,हजारों के संख्या में किसान आये हुए है जिसे पटवारी न मिल रहे है, और न ही बड़े अधिकारी। जिस किसान का 5 एकड़ जमीन है उसका रखबा, खसरा 3 एकड़ का ही दिखा रहा है। जबकि पिछले वर्ष उसी पंजीयन में पूरा का पूरा धान बेचा गया था अब किसान तहसील दफ्तर का चक्कर काटने में मजबूर दिखाई दे रहे है। किसानों का आक्रोश अब बढ़ता दिखाई दे रहा है किसानों का कहना है कि ऐसी स्थिति में आत्महत्या करने में मजबूर हो जाते है,किसानों का मांग पंजीयन की तिथि को बढ़ाने के लिए भी गुहार लगा रहे है।
जब इस सम्बंध में सारंगढ़ अनुविभागीय अधिकारी नन्दकुमार चौबे से दुरभाष के माध्यम से teekhi-mirchi.com की टीम ने सम्पर्क साझा तो मैं मीटिंग में हु बिजी हु अभी बाइट नही दे सकता करके बताया गया।
जे.आर.सतरंज तहसीलदार से किसानों के परिशानि पर bite लेनी चाहे तो मैं नही दे सकता आप BOSS का SDM साहब का लीजिए कहकर पल्ला झाड़ते हुए कॉल कट कर दिए।




