सारंगढ जनपद में पदस्त कर्मचारियों का फर्जी तरीके से अंत्योदय कार्ड जारी,भाग-१

मैं ही बाबू,मैं ही ऑपरेटर (भाग-2 में )
सारंगढ जनपद पंचायत में छत्तीसगढ़ राजपत्र पर दिए गए बिंदुओ का कोई महत्व नही है। सरकार के नियमो का दुरुपयोग किया जा रहा है यहां की हाल सुने ऐसे कोई अधिकारी दुरुस्त नही नजर आ रहे है। जनपद में पदस्त कर्मचारियों का अंत्योदय राशन कार्ड बन जा रहा है जबकि अंत्योदय राशन कार्ड बनने का शर्ते और नियम को दर किनार करके अपने हिसाब से राशन कार्ड जारी कर दिया जा रहा है। ऐसे स्थिति में छत्तीसगढ़ राजपत्र की विषयवस्तु कोई मायने नही रखती यहां सिर्फ प्रभारी गीरी अथवा ऑपरेटरगिरी नियम चल रहा होगा इसलिए कर्मचारियों का फर्जी तरीके से अंत्योदय राशन कार्ड बनाया जा रहा है।
क्या कहते है अंत्योदय राशन कार्ड बनने का नियम-
समस्त परिवार जिसके मुखिया राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट लाईलाज बीमारी पीड़ित होना है।
अंत्योदय राशन कार्ड बनने के लिए मुखिया विधवा अथवा एकाकी/परित्यक्त महिला होना चाहिए ।
समस्त परिवार जिसके मुखिया एक निःशक्त व्यक्ति है।
समस्त परिवार जिसके मुखिया साठ वर्ष या इससे अधिक आयु के है,जिनके पास जीवन निर्वाह का साधन या सामाजिक सहायता नही है।
समस्त परिवार जिनके मुखिया विमुक्त बंधवा मजदूर है।
समस्त परिवार जिनके मुखिया आवासहीन है तथा समस्त परिवार जो पंडो एवं भुंजिया जनजाति के है. अधिनियम की धारा 15 की उपधारा 2 के खंड छ के अधीन विशेष रूप से कमजोर समाजिक समूहों के परिवार में संविलित है तथा
परिवारों का कोई अन्य समूह,जैसे कि राज्य सरकार द्वारा समय समय पर,अधिसूचना किया जावे।
वही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ऐसे व्यक्तियो का राशन कार्ड बना हुआ है। जिसके मुखिया न तो निःशक्त,परित्यक्त,विधवा ,साठ वर्ष से अधिक है। फिर भी अंत्योदय का लाभ उठाया जा रहा है। राशन कार्ड बनाने वाले की गरिमत भी कमाल के है। इतने बड़े विभाग के नाक के नीचे फर्जी राशन कार्डों का जखीरा आखिर किसके संरक्षक में बन रहा है। बनाने वाले को न तो जनपद में बैठे सीईओ से डर है और न ही ऊपर में बैठे कलेक्टर और न ही मंत्रियों से आखिर इतनी हौसला के साथ काम करना कहि सफेद पोसो की छत्र छाया तो नही।
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालो परिवारों को प्राथमिकता कार्ड मिल जाये तो बड़ी खुशी की बात है लेकिन उसके लिए समस्त दस्तावेज़ की जरूरत पड़ती है। तब बनाया जाता है प्राथमिकता राशन कार्ड लेकिन अब बात करे अंत्योदय राशन कार्ड का तो बिना दस्तावेज का ओ भी कर्मचारियों के नाम पर बनाया जा रहा है। जिसकी कोई रिकार्ड भी नही देखने को मिल पायेगा न तो पंचायत में और न ही सम्बंधित विभाग में। ऐसे राशन कार्ड पूरे फर्जी तरीके से बनाया गया होगा जिस पर कोई नियमावली का पालन नही किया गया है।
कौन है जनपद में राशन कार्ड के अधिकारी:-
राशन कार्ड प्रभारी -जगत हाबिल और राशन कार्ड डाटा एंट्री ऑपरेटर नारद कुर्रे ।




