भ्रष्टाचार की ‘पतली’ परत: सारंगढ़ के हिच्छा में मानकों की धज्जियां उड़ाकर बनाई जा रही सीसी रोड

सारंगढ़:- जनपद पंचायत सारंगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत हिच्छा में विकास कार्यों के नाम पर धांधली और भ्रष्टाचार का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शासन की योजनाओं और नियमों को ताक पर रखकर कराए जा रहे निर्माण कार्यों की पोल एक बार फिर खुली है। ताज़ा मामला गांव में बन रहे सीसी रोड (Concrete Road) निर्माण का है, जहाँ घटिया निर्माण और मोटाई में डाका डालकर सरकारी राशि के बंदरबांट की पूरी तैयारी कर ली गई है।
नियमों की धज्जियां, न सूचना बोर्ड न मानक मापदंड
निर्माण स्थल का जायजा लेने पर सामने आया कि सीसी रोड के निर्माण में तय मानकों को दरकिनार कर दिया गया है। नियमानुसार जहाँ सीसी रोड की ढलाई 6 इंच या उससे अधिक होनी चाहिए, वहीं हिच्छा में महज 4 इंच की पतली परत बिछाकर कोरम पूरा किया जा रहा है।
इसके साथ ही, पारदर्शी व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए निर्माण स्थल पर किसी भी प्रकार का सूचना बोर्ड (Information Board) नहीं लगाया गया है। ग्रामीण और आम जनता इस बात से पूरी तरह बेखबर हैं कि यह सड़क किस मद से बन रही है, इसकी कुल लागत कितनी है और इसकी स्वीकृति लंबाई-चौड़ाई क्या है। बिना सूचना बोर्ड के काम कराना सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को छिपाने की साजिश की ओर इशारा करता है।
जिम्मेदार साध रहे चुप्पी, फोन उठाने से कतरा रहे सरपंच
जब इस निर्माण कार्य में हो रही इस बड़ी गड़बड़ी और अनियमितता के संबंध में ग्राम पंचायत हिच्छा के सरपंच से फोन के माध्यम से संपर्क कर जानकारी चाहने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव करना तक उचित नहीं समझा। सरपंच की यह चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े करती है—
क्या जनप्रतिनिधि और पंचायत तंत्र की शह पर यह फर्जीवाड़ा फल-फूल रहा है?
जनता के पैसे का हिसाब देने से जनप्रतिनिधि क्यों भाग रहे हैं?
घटिया सीसी रोड निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। 4 इंच की ढलाई से बनी यह सड़क पहली ही बारिश में उखड़ जाएगी, जिससे शासन के लाखों रुपये पानी में बह जाएंगे। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं जनपद पंचायत के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
ज़ब इस संबंध में सरपंच को उक्त विषय पर जानकारी के लिए कॉल किया तो उन्होंने कॉल का जवाब नही दिया
अब देखने वाली बात यह होगी कि जनपद पंचायत सारंगढ़ के जिम्मेदार अधिकारी इस खुलेआम हो रही धांधली पर क्या संज्ञान लेते हैं, या फिर कागजी खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।






