बिग ब्रेकिंग: खैरा छोटे PDS गोदाम में सैकड़ों बोरी यूरिया डंप, बड़ा सवाल- आखिर यह ‘काला साम्राज्य’ किसका है?

सारंगढ़-बिलाइगढ़। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के सारंगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खैरा छोटे से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ के शासकीय राशन दुकान (PDS गोदाम) में भारी मात्रा में यूरिया खाद डंप किया गया है
राशन के लिए बने सरकारी गोदाम में सैकड़ों बोरी यूरिया का इस तरह रखा जाना कई गंभीर संदेह पैदा कर रहा है।
उठ रहे हैं कई सवाल?
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अब क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं और सीधे तौर पर व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं:
आखिर यह यूरिया किसका है? इतनी बड़ी मात्रा में रासायनिक खाद बिना किसी रसूख या ऊंचे संपर्कों के सरकारी गोदाम में डंप नहीं की जा सकती। आखिर इस पूरे खेल के पीछे कौन सा ‘सफेदपोश’ चेहरा है?
कैसे पहुँचा यहाँ यूरिया? PDS गोदामों की निगरानी खाद्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के जिम्मे होती है। ऐसे में अधिकारियों की नाक के नीचे सैकड़ों बोरी यूरिया गोदाम के भीतर कैसे पहुँच गया? क्या ज़िम्मेदार अधिकारी सो रहे थे या उनकी मौन सहमति थी?
किसानों के हक पर डाका? जब किसानों को खेतों के लिए खाद की किल्लत से जूझना पड़ता है, तब सरकारी गोदामों में इस तरह यूरिया का अवैध स्टॉक मिलना बड़े स्तर पर कालाबाजारी (Black Marketing) की साजिश की ओर साफ इशारा करता है।
संदेह के घेरे में स्थानीय तंत्र
ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले में बड़ी मिलीभगत हो सकती है। PDS गोदाम का उपयोग सिर्फ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न के लिए होना चाहिए, लेकिन यहाँ नियमों को ताक पर रखकर खाद का अवैध हब बना दिया गया।
ग्रामीणों की मांग:इस मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो, गोदाम को तुरंत सील किया जाए और यूरिया डंप करने वाले असली मालिक व उसे शह देने वाले दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब देखना होगा कि इस गंभीर मामले पर सारंगढ़ तहसीलदार और खाद्य विभाग के आला अधिकारी क्या एक्शन लेते हैं।




