सारंगढ़ जनपद में सी.ई.ओ. के आदेश की नही होती पालन

सारंगढ:- प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत बन रहे सीसी रोड की अनियमितता पूर्वक व गुडवत्ताहीन कार्य मे हुए धांधली के सम्बंध में जांच करने की लिखित शिकायत 7 फरवरी को जनपद पंचायत सारंगढ़ शिकायत शाखा में दिया गया था। जिसमें सारंगढ़ जनपद सीईओ अभिषेक बनर्जी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच करने के लिए जांच दल गठित करवाया जिसमें विजय मिरी उपअभियंता जनपद पंचायत सारंगढ और सुरेश कुमार राठिया करारोपण अधिकारी जनपद पंचायत सारंगढ पर दोनों अधिकारियों की टीम बनाई गई परन्तु आज पर्यन्त तक जांच नही कर पाना प्रश्नचिन्ह की घेरे में सवाल खड़ा हो रही है।

कि सरपँच से मिलीभगत होने की संभावनाएं प्रतीत हो रही है। जबकि शिकायत शाखा से 15 फरवरी को जांच टीम के नाम से आदेश क्रमांक 888 पर पत्र जारी भी कर दिया गया है। जिसको जांच टीम ने 18 फरवरी को स्वीकार भी कर लिया लेकिन जनपद से 7 दिवस के भीतर जांच कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए आदेश किया गया था उसका तो दोनों अधिकारी मिलकर जांच आदेश पत्र कि गरिमा ही समाप्त कर दिए। इस जनपद में तो अधिकारी की निर्देशो का अच्छा मजाक बना दिए है। जबकि जांच टीम को आदेश किया हुआ आज 9 दिन हो गया पत्र की समय पार होने तक ध्यान नही दिए ये अधिकारी जबकि 7 दिवस के भीतर जांच कर जवाब देना था तब तक अधिकारी सो ही रहे थे। नियमो का तो धज्जिया उड़ा रहे है ये दोनों अधिकारी यही से साफ दिख रहा है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त सरपंच की पहुच कहा तक हो सकता है जबकि आज पत्र जारी करके स्वीकार करने के 9 दिन गुजर जाने के बाद भी किसी प्रकार की जवाब न ही शिकायत कर्ताओ को बताया गया जबकि शिकायत कर्ताओ के द्वारा 3 दिन से पंचायत जा कर जांच दल की इंतज़ार कर रहे थे। शिकायतकर्ता के नाम पर जांच दल के माध्यम से प्रतिलिपि भी दिया गया लेकिन अधिकारी अपने अपने मे मस्त मग्न है।
सीईओ की निर्देश नही मानते ये उपअभियंता और करारोपण अधिकारी
ये हम नही कह रहे है बल्कि जांच टीम को 7 दिवस के भीतर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करना था जिसमे शिकायतकर्ताओं ने निर्माणधीन सीसी रोड पर हो रहे धांधली की लिखित शिकायत जनोद5 शिकायत शाखा में दिया था जिसको जनपद सीईओ ने संज्ञान में लेते हुए जांच दल गठित कर 7 दिवस के भीतर अघोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए पत्र जारी किया लेकिन आज 9 दिवस गुजर जाने के पश्चात भी किसी प्रकार की जांच नही कर पाए अधिकारीयो की लचर रवैया यही से ये स्पष्ट पता चल रहा है कि उपअभियंता और करारोपण अधिकारी के सामने बड़े अधिकारी की निर्देश कितनी फीकी पढ रही है।
आखिर इस सरपँच के विरुद्ध जांच करने क्यो फूल रहे अधिकारियो की हाथ पांव
सारंगढ जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत गोडम के सरपँच के ऊपर जांच करने में क्यो डर रहे अधिकारी? क्या सरपँच इतने पावर फुल है कि सीईओ की निर्देश को कर दिए दरकिनार । क्या इन दोनों उपअभियंता और करारोपण अधिकारी को गोड़म पंचायत जांच करने के पूर्व मोटी प्रसाद की चढ़ोत्तरी पहुच गए या और कुछ मशला है ये तो जांच करने उपरांत सामने आएगा।




