खुर्शी पीडीएस दुकान : संचालक बोले- 3 साल पुराना है स्टॉक का मामला, खाद्य अधिकारी ने दिया 3 माह का समय!

सारंगढ़-बिलाईगढ़: – सारंगढ़ विकासखंड के अंतर्गत ग्राम खुर्शी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान (मिनी माता महिला स्व-सहायता समूह, दुकान ID: 412003050) के सितंबर 2026 माह के खाद्यान्न स्टॉक के आंकड़े सामने आए हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग (AePDS) के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, सितंबर माह के लिए दुकान का स्टॉक विवरण …..
सामान्य चावल (Rice): – प्राप्त मात्रा 15,990 किलोग्राम दर्ज है, जिसमें से वितरण शून्य होने के कारण अंतिम क्लोजिंग स्टॉक 15,990 किलोग्राम दर्शाया गया है।
छत्तीसगढ़ चावल (CGRice):- ओपनिंग बैलेंस -3,865 किलोग्राम (ऋणात्मक) था। वर्तमान माह में 4,112 किलोग्राम की आवक और 7,990 किलोग्राम के वितरण के बाद क्लोजिंग स्टॉक -3,631 किलोग्राम (ऋणात्मक) दर्ज है।
फोर्टिफाइड चावल (F Rice):- ओपनिंग बैलेंस 30,318 किलोग्राम था। इस माह 7,670 किलोग्राम की प्राप्ति और 27,380 किलोग्राम के वितरण के बाद अंतिम क्लोजing स्टॉक 18,278 किलोग्राम बचा हुआ है।
यानी कुल स्टॉक में चावल 342 क्विंटल चावल होनी चाहिए
इतने विशाल स्टॉक की मौजूदगी के बाद भी नया खाद्यान्न जारी किया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है:
राशन की कालाबाजारी की आशंका: जब दुकान में पहले से ही भारी स्टॉक पड़ा हुआ है, तो बिना खपत या समायोजन के नया चावल जारी करने का औचित्य क्या है?
कागजी हेरफेर: क्या यह भौतिक आवंटन वास्तविक में है या सिर्फ कागजों पर उठाकर लैप्स या डायवर्ट करने का खेल चल रहा है?
ऋणात्मक (Negative) स्टॉक का गणित: पोर्टल पर ‘CGRice’ का बैलेंस -3,631 किग्रा दर्शाया जा रहा है। ऋणात्मक स्टॉक यह साफ संकेत देता है कि बिना स्टॉक एंट्री के या गलत मद में खाद्यान्न का वितरण/अवैध उठान किया गया है।
अधिकारियों की चुप्पी और संदेहास्पद ढील:
दुकान संचालक का स्वयं यह स्वीकार करना कि यह गड़बड़ी पिछले 2 से 3 सालों से चली आ रही है, विभागीय निगरानी की पोल खोलता है। इतने वर्षों तक इस गंभीर गड़बड़ी को नजरअंदाज करना और अब जांच/कार्रवाई करने के बजाए ‘मेंटेन करने के लिए 2-3 महीने का समय’ दिया जाना, निचले स्तर के कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ खाद्य अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
संचालक एवं अधिकारी का पक्ष
इस पूरे मामले में पीडीएस (PDS) दुकान संचालक का कहना है कि स्टॉक में यह स्थिति पिछले 2 से 3 वर्षों से बनी हुई है। संचालक के अनुसार, खाद्य अधिकारी द्वारा स्टॉक को व्यवस्थित और मेंटेन करने के लिए 2 से 3 महीने का समय दिया गया है।




