सारंगढ़-बिलाईगढ़: पूर्व सरपंच पर पत्नी को ‘फर्जी वेंडर’ बना 7 लाख से अधिक के गबन का आरोप, 4 महीने बाद भी जांच ठंडे बस्ते में।

चन्द्रिका भाष्कर की रिपोर्ट…..
सारंगढ़। जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जनपद पंचायत सारंगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत छातादेई में भ्रष्टाचार का एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। वर्तमान जनपद सदस्य और छातादेई के तत्कालीन सरपंच विजय विक्की पटेल पर अपनी ही पत्नी पूजा पटेल के नाम पर फर्जी वेंडर बनाकर पंचायत और मनरेगा (MGNREGA) की लाखों रुपये की शासकीय राशि आहरण करने का गंभीर आरोप लगा है।
हैरानी की बात यह है कि कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत के 4 महीने बीत जाने के बाद भी अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है, जिससे पूर्व सरपंच के हौसले बुलंद हैं।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, तत्कालीन सरपंच विजय विक्की पटेल ने पंचायती राज अधिनियम 1993 के नियमों को ताक पर रखकर अपनी पत्नी पूजा पटेल के नाम से एक फर्जी वेंडर खाता तैयार किया। इसके बाद शासकीय पद का दुरुपयोग करते हुए निम्नलिखित राशियों का अवैध आहरण (निकालने) किया गया:
ग्राम पंचायत निधि से – लगभग ₹4,04,000/-
मनरेगा योजना के तहत – ₹3,20,240/-
कुल गबन की राशि – ₹7,24,240/-
इसके अलावा, सरपंच पर अपने अन्य करीबी रिश्तेदारों के नाम पर भी फर्जी तरीके से शासकीय राशि निकालने के आरोप हैं। यह सीधे तौर पर पंचायती राज अधिनियम 1993 की धारा 40 (ग) का खुला उल्लंघन और आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है।
कछुआ गति से चल रही प्रशासनिक व्यवस्था, 5 दिन की समय-सीमा बेअसर
इस मामले में प्रशासनिक उदासीनता भी साफ नजर आ रही है। शिकायतकर्ता द्वारा दिनांक 25/11/2025 को कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन (टोकन नंबर: 2310125002853, सुरक्षा क्रमांक: 208) देकर न्याय की गुहार लगाई गई थी।
शिकायत के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत द्वारा जनपद CEO सारंगढ़ को 9 पन्नों के दस्तावेजों के साथ पत्र जारी कर 05 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रमाणित अभिलेखों सहित सौंपने का कड़ा निर्देश दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ देने को कहा गया था।
4 महीने बाद भी ढाक के तीन पात
आज दिनांक 09 जून 2026 तक, यानी लगभग 4 महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई कार्यवाही नहीं दिख रही है। जांच रिपोर्ट दबाकर रख दी गई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली प भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
वर्तमान पद का दुरुपयोग करने की आशंका, ग्रामीणों में आक्रोश
आवेदक और ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सरपंच विजय विक्की पटेल वर्तमान में जनपद सदस्य के पद पर आसीन है। कार्यवाही न होने के कारण उसका मनोबल लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि वह अपने वर्तमान रसूखदार पद का दुरुपयोग कर जांच को प्रभावित कर सकता है और शासन को आगे भी आर्थिक क्षति पहुंचा सकता है।
ग्रामीणों और शिकायतकर्ता ने कलेक्टर महोदय से पुनः गुहार लगाते हुए मांग की है कि इस बड़े घोटाले पर तत्काल संज्ञान लिया जाए और पंचायती राज अधिनियम के तहत त्वरित संवैधानिक व दंडात्मक कार्यवाही की जाए, ताकि शासकीय धन का दुरुपयोग करने वालों को कड़ा सबक मिल सके।


















