सारंगढ

कम बच्चे रहते है तो पढ़ाने में मजा नही आता – टेड़गीडीपा स्कूल शिक्षक पदुम कुमार जायसवाल

बिलाईगढ़ = बिलाईगढ़ विकासखंड में शिक्षको की मनमानी चरम पर है जब मन चाहे स्कूल बंद कर घर चले जाते है ऐसा ही एक मामला सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला के बिलाईगढ़ विकासखंड में इसी तरह की लापरवाही खूब चल रहा है आपको बता दे प्राथमिक शाला टेड़गीडीपा की कहानी जहा बच्चो के भविष्य के साथ खेलवाड़ खूब हो रहा है। जहाँ 30 बच्चे एक रसोइया के हवाले में स्कूल चल रहा है और शिक्षक अपने कामों में मस्त होकर घूम रहे हैं वही मिली जानकारी के अनुसार टेड़गीडीपा स्कूल में दिनांक 09/02/2024 शुक्रवार को 1:30 बजे स्कूल में ताला लग गया था, वही महज स्कूल के किनारे स्कूल ड्रेस में 5 से 7 बच्चे खेल रहे थे देखा गया,जब उनसे पूछा गया की किस स्कूल में पढ़ते है तो बच्चो ने बताया की टेड़गीडीपा स्कूल में पढ़ते है। बच्चो ने फिर बताया की आज स्कूल आए थे रसोइया ने स्कूल खोला और खाना बनाकर खिलाया फिर 1 बजकर 18 मिनट में सभी बच्चो का छुट्टी कर दिया गया और कोई टीचर स्कूल ही नही पहुंचे हैं।

रसोइया ने बताया की कोई टीचर नही पहुंचा स्कूल

वही टेड़गीडीपा की रसोइया से जब पूछा गया तो बताई की आज सिर्फ मैं स्कूल आई हु कोई टीचर नही पहुंचे है । ज़ब मिडिया टीम के द्वारा रसोइया से पूछा गया की टीचर ने आपको कुछ बतायें है स्कूल आएंगे या नहीं, इसकी जानकारी लेना चाहा तो रसोइया ने जानकारी देते हुए बताया की मुझे शिक्षक पदुम कुमार जायसवाल ने पहले ही 08/02/2024 को कह दिया था की कल मैं स्कूल नही आऊंगा,आप आना और बच्चों को खाना बनाकर खिला देना फिर स्कूल बंद कर चले जाना, रसोइया ने शिक्षक पदुम जायसवाल के कहे अनुसार खाना खिलाकर स्कूल छुट्टी कर खुद घर चली गई ।

शिक्षा विभाग की लचर रवैया से शिक्षको का मनोबल बढ़ा ?

जिस तरह से बिलाईगढ़ में शिक्षको की मनमानी चल रहा है उसे देखते हुए साफ जाहिर होता है कि शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण शिक्षको का मनोबल खूब बढ़ा हुआ है और अपने तरीके से स्कूल आते जाते रहते है सरकार से हजारों लाखो की तंनखुवा (पगार) लेते है और शिक्षा का स्तर नीचे गिरते जा रहा उसकी कोई फ़िक्र तक नही है,शिक्षक सिर्फ अपने में व्यस्त चल रहे हैं न तो छुट्टी ले रहे और ना ही किसी विभाग के अधिकारी को अवगत करा रहे हैं।

पदुम कुमार जायसवाल कहते है मैं स्कूल आया था, बच्चे और रसोइया ने कहा कोई टीचर नही पहुंचे

स्कूल बंद होने की स्थिति में जब शिक्षक का नंबर ग्रामीणों से लेकर दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया गया तो शिक्षक पदुम जायसवाल का कहना है कि मैं स्कूल आया था और एक बजे स्कूल से आ गया, वहीं जब उनसे वर्जन के लिए मिडिया के आमने सामने हुए तो शिक्षक खुद कहने लगे की मैं कल से रसोईया को बोलकर चला गया था और मै स्कूल के काम से बिलाईगढ़ गया था, उसके बाद अपने बच्चो को कॉलेज से लेने के लिए रुक गया। जरा सोचिए अपने बच्चो को पढ़ाने के लिए जायसवाल साहब खूब समय दे रहे लेकिन वही जिस शिक्षा विभाग का पद लेकर शिक्षक बने हुए और 26 बच्चो का भविष्य जिनके कंधे पर है उन्हे उन बच्चो की भविष्य का कोई चिंता नहीं है!

संकुल प्रभारी अमित कुमार भोई तक को नहीं कोई सूचना

संकुल प्रभारी अमित कुमार भोई

वही जब संकुल प्रभारी से पूछा गया तो उनका कहना था कि,इसके संबध में मुझे शिक्षक ने कोई जानकारी नहीं दिया है,बिना बताए अपने ही मनमर्जी करते चले आ रहे है, वही भोई ने कहा की बी.ई.ओ को लिखित में अवगत कराया जायेगा और ऊपर अधिकारी क्या संज्ञान लेकर कार्यवाही करते है उनके ऊपर है।

KRISHNA MAHILANE

EDITOR IN CHIEF https://teekhi-mirchi.com CONTACT US- 6260567537

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

BREAKING
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में निजी स्कूलों की मनमानी: बिलाईगढ़ के मंधाईभाठा स्थित 'विनायक अकादमी' के तुगलकी... सांसद निधि के ₹91.73 लाख की धोखाधड़ी, ठेकेदार ‘महावीर ट्रेडर्स’ के संचालक पर FIR दर्ज। छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा का रायपुर में ऐतिहासिक महासम्मेलन सम्पन्न.. पत्रकार जगन्नाथ बैरागी ने वृद्धाश्रम में मनाया जन्मदिन.. निर्माण कार्य पूर्ण, फिर भी भुगतान के लिए भटक रहीं ग्राम पंचायतें। नवरात्रि शक्ति, साहस और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक: राहुल भारद्वाज बिलाईगढ़ विधानसभा में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की बैठक संपन्न, 2028 चुनाव में जीत का संकल्प राष्ट्रीय मतदाता जागरूकता कार्यक्रम विशेष शिविर का आयोजन भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का सारंगढ़ विधानसभा स्तरीय बैठक संपन्न,प्रदेश अध्यक्ष डॉ सनम जांगड़े रहे ... पुराने बिल,नई निकासी, तिलाईदादर में 15वें वित्त की राशि पुराने बिलों के सहारे आहरण!