सारंगढ

डॉक्टर ने बीमार व्यक्ति को मनो वैज्ञानिक ढंग से इलाज किया (कहानी :फाइलेरिया) एक बार जरूर पढ़े

  • सीएमएचओ डॉ एफ आर निराला

एक दिन शाम करीब 4 बजे का समय था डॉक्टर अपने कक्ष में बैठा था ओपीडी का समय नही था हलचल कम थी मैं अपने ऑफिस कार्य निपटाते अकेले बैठा था तभी। दरवाजे को थोड़ा खोलते हुए खटखटाती है

डॉक्टर-देखते हुए एक महिला कक्ष में प्रवेश करने की अनुमति मांगती है

डॉक्टर-महिला को आने का इशारा करते है

महिला- प्रवेश करती है साथ में उसके साथ एक लड़की भी प्रवेश करती है

लड़की की उम्र यही कही 17 की रही होगी और महिला की उम्र 45 वर्ष की रही होगी देखने से महिला कुछ परेशान थी चेहरे में चिंताएं प्रदर्शित हो रही थी।

डॉक्टर- बताइए क्या बात है।
महिला- बोली इस लड़की को दिखाना है।
डॉक्टर- कहिए क्या समस्या है मैने लड़की को स्टूल में बैठने का इशारा किया।
लड़की- सर पैर को दिखाना है।
डॉक्टर- क्या हुआ है पैर में
लड़की- अपने बाएं पैर की ओर इशारा करती है।
डॉक्टर- लड़की से कपड़े उपर करने बोलते है और पैर को देखते है
महिला- तभी महिला बोलती है सर इसके पैर में सूजन है और हल्का दर्द भी है।
डॉक्टर- कोई इलाज करवाए क्या
महिला- बोलती है हा सर इलाज करवाने बलौदा बाजर गए थे
डॉक्टर- तो डॉक्टर ने क्या बोला।
महिला- वहा के डॉक्टर ने भी भर्ती हो जाओ बोले इतनी छोटी बात के लिए भर्ती होने की क्या जरूरत है आप ही बताइए।
डॉक्टर-लड़की को पूरी बात बताने बोलते है।
लड़की- सर 5 दिन पहले गांव में नाचा हो रहा था मैने भी नाचा देखने गई थी रात को ये नाचा हुआ रात भर गली में नाचा देखी रात में मच्छर काट रहा था उस जगह खुजली भी हुई थी दूसरे दिन शाम को बुखार आया था मम्मी से मांग कर बुखार की गोली खाई थी रात को बुखार उतर गया। दूसरे दिन फिर बुखार आया था तब मितानिन से गोली ली थी आज हम लोग बलौदा बाजार गए थे और वही से आ रहे है
डॉक्टर-बाए पैर को ध्यान से देखा दबा के भी देखा बाए पैर के एंकल ज्वाइंट के उपर लालिमा था] सूजन भी था मामूली से वहा हल्का दर्द भी बता रही थी। डॉक्टर से दूसरे पैर को भी देखना चाहा और लड़की को बोला दूसरे पैर को भी दिखाइए
लड़की- दाहिने पैर के कपड़े उठाते हुए बोली देख लीजिए
डॉक्टर- ध्यान से देखते हुए छूते भी है और पहले पैर ( बाया पैर ) से तुलना करके देखते है दोनो पैर में फर्क नजर आता है बाया पैर में सूजन दिखता है जहा लालिमा भी है
महिला- बताइए न सर इतनी सी बात के लिए बलौदाबाजार के डॉक्टर भर्ती हो जाओ अस्पताल में कहते है हमे बात समझ में नही आया इसलिए हम आपके पास आए है हम लोग भर्ती के लिए कोई तैयारी करके भी नही गए थे न ही हमारे पास पैसे ही थे
डॉक्टर-लेकिन आपको तो भर्ती यह भी होना होगा
महिला-आप भी भर्ती होने बोल रहे है क्या बात है कोई गंभीर समस्या है कोई बड़ी बीमारी है जिसके लिए आप भी भर्ती के लिए बोल रहे है सर साफ साफ बताइए न मेरी बेटी को कोई गंभीर समस्या है क्या
डॉक्टर- नही नही घबराइए नही कोई बड़ी बीमारी नही है मैं तो सिर्फ एक छोटी सी जांच के लिए भर्ती करने बोल रहा हु।
महिला- एक छोटी सी जांच के लिए भर्ती होने को बोल रहे है सर आप भी, जो भी जांच करनी है दिन में क्यों नही कर लेते रात में कौन सी जांच होती है.
महिला थोड़े से नाराजगी भरे भाव से देखती और बोलती है।
डॉक्टर- घबराइए नही आप घर से खाना खा कर आइएगा केवल एक खून का नमूना लेना है ये खून का नमूना रात में ही लेते है उसके बात यदि आप जाना चाहे तो रात में ही जा सकते है।
महिला- ठीक है सर आप कह रहे है तो हम लोग आ जायेंगे कब आना है बताइएगा।
डॉक्टर- आज या कल जब आप चाहे आ सकते है मैं स्टाफ को समझा दूंगा।
महिला- ठीक है सर हम लोग कल आ जायेगे।
डॉक्टर- अपने स्टाफ को फोन करके निर्देश दिए कल रात को एक लड़की आएगी उसे एक बिस्तर दे देंगे उसे अभी किसी प्रकार की दवाई देने की जरूरत नहीं है सिर्फ आप उन्हें बिस्तर दे देंगे बाकी बात मैं एमएलटी को बोल दूंगा फिर डॉक्टर एमएलटी को फोन करके निर्देश देते है कल रात को एक लड़की अस्पताल में भर्ती होंगे आप उनका नाइट सैंपल लेना फाइलेरिया रूल आउट करना है।
एमएलटी- ठीक है उसका पेपर वगैरह दे दीजिएगा।
डॉक्टर- ओके सब तैयार है मैने आईपीडी ड्यूटी स्टाफ को भी बोल दिया हु
महिला- अगले दिन रात को 8 बजे आ जाती है और फोन करती है।
डॉक्टर- अपने आईपीडी स्टाफ और एमएलटी को पुनः सूचित करते है लड़की अस्पताल में आ चुकी है उनकी बिस्तर दीजिए और रात में लड़की की नाइट स्मीयर ले लीजिएगा
एमएलटी – ओके सर ।
स्टाफ नर्स- ओके सर
डॉक्टर- दूसरे दिन दोपहर को एमएलटी से पूछते है क्या हुआ उस लड़की की नाइट स्मीयर का
स्टाफ नर्स- रात में नाइट स्मीयर लेने के बात मरीज और उसके परिजन रात में रुके थे सुबह छुट्टी दे दिए थे
डॉक्टर- ओके
एमएलटी- सर आपका शंका सही साबित हो गया मैं आपको दिखाती हु आप भी देख के आश्चर्य हो जायेगे।
डॉक्टर – ऐसे क्या बात है आश्चर्य की
एमएलटी – दोपहर को आती है और जांच रिपोर्ट देती है और एक वीडियो दिखाती है अपने मोबाइल से जिसे देख कर सही में मैं आश्चर्य चकित हो गया क्योंकि वीडियो में माइक्रो फाइलेरिया जीवित अवस्था में दिख रहा था आप भी इसे देख कर आश्चर्य चकित होंगे।
डॉक्टर- एक दिन बात महिला को फोन करके बुलाते है और उसकी खून की नमूना लिए थे उसके रिपोर्ट के बारे में बात करते है उन्हे विस्तार से समझते है उसके परिवार के बारे में ट्रांसपोर्ट के बारे में भी पूछते है कही बाहर तो नही गए थे. डॉक्टर अपने फील्ड स्टाफ को भी निर्देश देते है और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करवाते है. 12 दिन की दवा देते हैं और लड़की को समझाते हैं। दवा के नियमित सेवन से लडकी स्वस्थ हो गई है।
(कहानी सच्ची होने के कारण नाम,पता गोपनीय रखा गया है।)

KRISHNA MAHILANE

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