ज़िला सारंगढ़-बिलाईगढ़: महीनों बीते पर नहीं हुई कार्रवाई, बीज निगम बरमकेला और सेवा सहकारी समिति में दोहरे लाभ की जांच ठप।

सारंगढ़-बिलाईगढ़: नवनियुक्त ज़िला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के अंतर्गत आने वाले बीज निगम बरमकेला और सेवा सहकारी समिति में सामने आए बड़े भ्रष्टाचार के मामले में प्रशासनिक सुस्ती साफ नजर आ रही है। एक ही जमीन (रकबा/खसरा) का उपयोग कर दो अलग-अलग जगहों पर धान बेचकर दोहरा लाभ कमाने की लिखित शिकायत के महीनों बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जिला प्रशासन द्वारा जांच के कड़े आदेश दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर जांच पूरी तरह ठप पड़ी है।
क्या है पूरा घोटाला? (एक ही खसरे पर दो जगह बेचा धान)
शिकायत के अनुसार, कुछ रसूखदार लोगों और बिचौलियों ने नियमों को ताक पर रखकर एक ही जमीन के खसरा नंबर और रकबे का उपयोग बीज निगम बरमकेला और स्थानीय सेवा सहकारी समिति दोनों जगह कर लिया।
दोहरा लाभ: एक ही फसल और एक ही जमीन के रकबे पर दो अलग-अलग सोसायटियों/निकायों से धान की बिक्री दिखाकर दोहरा आर्थिक लाभ कमाया गया।
अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका: बिना स्थानीय प्रभारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की मिलीभगत के एक ही खसरा नंबर का दो अलग-अलग सरकारी प्रणालियों में एक साथ दर्ज होना नामुमकिन है, जो सीधे तौर पर एक बड़े सुनियोजित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
जिला प्रशासन के आदेश के बाद भी ‘फाइल’ बंद
मामला उजागर होने और ग्रामीणों द्वारा साक्ष्यों के साथ लिखित शिकायत सौंपने के बाद, जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच के आदेश जारी किए थे। लेकिन महीनों का समय गुजर जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का आरोप:”जांच के नाम पर केवल समय काटा जा रहा है। अधिकारियों के चक्कर काट-काटकर हम थक चुके हैं, लेकिन जांच टीम ने अब तक न तो मौके पर जाकर दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया है और न ही दोषियों से पूछताछ की है। ऐसा लगता है कि बड़े रसूखदारों को बचाने के लिए जांच को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।”




