मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय महोत्सव ‘प्रणवम’ में जमाई धाक, हासिल किए कई सम्मान।

सारंगढ़/बिलासपुर – पांच दिवसीय राष्ट्रीय नृत्य कला महोत्सव ‘प्रणवम 2026’ के मंच पर भारतीय शास्त्रीय कथक नृत्य की समृद्ध और गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा का एक अद्भुत एवं अविस्मरणीय दृश्य देखने को मिला। बिलासपुर के लखीराम ऑडिटोरियम में आयोजित इस महोत्सव में मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय (रानी सागर सारंगढ़ एवं रायगढ़ शाखा) के छात्राओं ने तबले की थाप और घुंघरुओं की झंकार से सभागार में मौजूद संगीत प्रेमियों और प्रबुद्ध गुणीजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य गुरु एल.डी. वैष्णव एवं उप-प्राचार्य प्रीति रुद्र वैष्णव के कुशल मार्गदर्शन में छात्राओं ने यह उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
सम्मान एवं पुरस्कारों की सूची:
विशेष राष्ट्रीय सम्मान: यामी वैष्णव को ‘कला ललिता’ तथा मोक्षिता वशिष्ठ को ‘प्रणवम प्रतिभा राष्ट्रीय उत्कृष्ट सम्मान’ से नवाजा गया।
गुरु श्रेष्ठ सम्मान: संस्था की गुरु प्रीति वैष्णव एवं गुरु रुद्र वैष्णव को राष्ट्रीय महोत्सव प्रणवम द्वारा ‘गुरु श्रेष्ठ सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
प्रथम स्थान: आरात्रिका दीवान ने एकल कथक नृत्य में प्रथम स्थान हासिल किया।
द्वितीय स्थान: एकल श्रेणी में आदिश्री शर्मा, अक्षिता शर्मा व मेघा पटेल तथा ग्रुप कथक में स्वरा, तनीषा, कियाना एवं काशवी की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
तृतीय स्थान:आराध्या सिंह, दीपदेवांशी रथ एवं मिस्का देशमुख ने तृतीय स्थान प्राप्त कर संस्था का नाम रोशन किया।
मंच पर दिग्गज कलाकारों की संगत:
प्रस्तुति के दौरान मंच पर कथक नृत्य की पढ़ंत उप-प्राचार्य प्रीति वैष्णव ने की। तबला संगत कला गुरु पंडित सुनील वैष्णव एवं रुद्र वैष्णव ने दी, जबकि गायन एवं हारमोनियम वादन पर रायपुर के प्रसिद्ध कलाकार लालाराम लुनिया का सानिध्य प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के समापन पर संस्था प्रमुख प्राचार्य एल.डी. वैष्णव सहित सभी वरिष्ठ गुरुजनों ने उभरते हुए बाल कलाकारों और कला साधकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अपना आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं।













