जन्माष्टमी पर ‘आदर्श’ स्कूल में पड़ा डाका: छुट्टी के सन्नाटे में बच्चों के टेबल-बेंच काट कर कबाड़ में खपा रहे थे गुरुजी, रंगे हाथों पकड़े गए प्रभारी प्राचार्य और शिक्षक।

सारंगढ़-बिलाईगढ़:- एक तरफ जहां पूरा देश जन्माष्टमी के पावन पर्व पर भक्ति में लीन था और शासकीय अवकाश का आनंद ले रहा था, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के एक शासकीय ‘आदर्श’ स्कूल में गुरुजी का एक बेहद शर्मनाक और काला कारनामा उजागर हुआ है। ग्राम पहंदा स्थित शासकीय आदर्श हाई स्कूल में नए प्रभारी प्राचार्य खेमलाल साहू और शिक्षक जगेश्वर पटेल छुट्टी के सन्नाटे का फायदा उठाकर सरकारी संपत्ति को कबाड़ बनाकर ठिकाने लगाने का खुला ‘खेल’ खेल रहे थे। लेकिन कानून से ऊपर कोई नहीं—यह पूरी धांधली कैमरे में रंगे हाथों कैद हो गई।
छुट्टी के दिन चले गैस कटर, पिकअप में लोड हुआ माल
कहने को तो यह संस्था ‘आदर्श’ हाई स्कूल है, लेकिन जिम्मेदार पदों पर बैठे प्रभारी प्राचार्य और शिक्षक ही यहां के नियमों को ताक पर रखकर बच्चों के हक की संपत्ति पर डाका डाल रहे थे। जन्माष्टमी के दिन जब पूरा स्कूल बंद था, तब स्कूल परिसर के भीतर गुप्त तरीके से गैस कटर चल रहे थे।
प्रभारी प्राचार्य खेमलाल साहू और शिक्षक जगेश्वर पटेल की सीधी मौजूदगी और शह पर बच्चों के बैठने वाले टेबल-बेंचों को काटकर कबाड़ में तब्दील किया जा रहा था। देखते ही देखते इस सामान को पिकअप गाड़ी में भरकर ठिकाने लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई थी।
दो बड़े सवाल जो जिम्मेदारों को कटघरे में खड़ा करते हैं:
सवाल 1: क्या शिक्षा विभाग से इन सामानों को कंडम घोषित करने और बेचने की कोई आधिकारिक व लिखित अनुमति (विभागीय ऑर्डर) ली गई थी?
सवाल 2: यदि सब कुछ पारदर्शी और नियमानुसार था, तो फिर जन्माष्टमी जैसी राष्ट्रीय छुट्टी के दिन चोरी-छिपे पिकअप में सामान क्यों लोड किया जा रहा था?
गबन की कड़ी कार्रवाई की मांग
बिना किसी शासकीय पंचनामा, बिना किसी मूल्यांकन और बिना विभागीय अनुमति के बच्चों के भविष्य के लिए रखे गए फर्नीचर को कबाड़ में खपाने की यह मनमानी अब पूरी तरह उजागर हो चुकी है। जन्माष्टमी की आड़ में किए जा रहे इस भ्रष्ट कारनामे का भंडाफोड़ होने के बाद अब क्षेत्र में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों और प्रबुद्धजनों ने जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषी प्रभारी प्राचार्य और शिक्षक के खिलाफ गबन एवं सरकारी संपत्ति की हेराफेरी का मामला दर्ज कर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।




