सारंगढ़ – अगस्त और सितम्बर के आंकड़ों से खुला कागजी स्टॉक का खेल, क्या धरातल पर है 452 क्विंटल चावल?

सारंगढ़। गरीबों के राशन पर निगरानी रखने वाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की पारदर्शी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सारंगढ़ नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 4 (चंद्रशेखर आजाद वार्ड) में संचालित आनंद खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सहकारी समिति मर्यादित (FPS ID: 411003009) के AePDS पोर्टल के अगस्त और सितम्बर 2026 के रिकॉर्ड्स ने खाद्य विभाग की निगरानी व्यवस्था की कलई खोल दी है।
पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, दुकान में 450 से 480 क्विंटल (45,000 से 48,000 किलोग्राम) से अधिक चावल का बंपर स्टॉक दर्ज है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वास्तव में राशन दुकान के गोदाम में इतना चावल भौतिक रूप से मौजूद है या यह केवल पोर्टल का मायाजाल है?
ऑनलाइन आंकड़ों का हैरान करने वाला खेल:
1. अगस्त 2026 का ऑनलाइन रिपोर्ट
ओपनिंग बैलेंस: 40,619 किलोग्राम (406.19 क्विंटल)।
आवंटन एवं प्राप्ति: पिछले और चालू माह को मिलाकर कुल 7,759 किलोग्राम चावल प्राप्त हुआ।
वितरण: कुल में से मात्र 305 किलोग्राम चावल ही उपभोक्ताओं को बांटा गया दर्ज है।
अंतिम शेष (Closting Balance): महीने के अंत में दुकान में 48,073 किलोग्राम (480.73 क्विंटल) चावल का विशाल स्टॉक शेष दिखाया गया।
2. सितम्बर 2026 का ऑनलाइन रिपोर्ट
कैरी-फॉरवर्ड स्टॉक: अगस्त का 48,073 किग्रा चावल सितम्बर में F Rice (फोर्टिफाइड राइस) श्रेणी के ओपनिंग बैलेंस (OB) में स्थानांतरित (Shift) होकर दर्ज हुआ।
वितरण: सितम्बर में इसमें से 2,005 किलोग्राम चावल का वितरण दिखाया गया।
वर्तमान शेष: वितरण के बाद भी पोर्टल पर 46,068 किलोग्राम (460.68 क्विंटल) फोर्टिफाइड चावल का क्लोजिंग बैलेंस बाकायदा दर्ज है।
ऋणात्मक (Negative) स्टॉक से व्यवस्था पर सवाल
पोर्टल के रिकॉर्ड में केवल चावल ही नहीं, बल्कि डेटा एंट्री और सिस्टम के तालमेल पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं:
CG Rice श्रेणी: अगस्त महीने में 25 किग्रा वितरण दर्शाने से बैलेंस -25 किग्रा हुआ, जो सितम्बर में 753 किग्रा वितरण दर्शाने के बाद -778 किग्रा पर पहुंच गया है।
खड़े होते तीखे और गंभीर सवाल:
1. भौतिक सत्यापन क्यों नहीं? अगस्त और सितम्बर दोनों महीनों में लगातार 460 से 480 क्विंटल चावल कागजों में दर्ज है। क्या खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कभी दुकान के गोदाम में जाकर भौतिक रूप से चावल की सैकड़ों बोरियों की गिनती की है?
2. गरीब राशन से वंचित या एन्ट्री में हेरफेर? सैकड़ों राशन कार्डधारियों वाले वार्ड में अगस्त माह में मात्र 305 किग्रा और सितम्बर में 2,005 किग्रा चावल बांटना क्या यह दर्शाता है कि गरीबों तक राशन पहुंच ही नहीं रहा है?
3. क्या कालाबाजारी का अंदेशा है? अक्सर PDS दुकानों में पोर्टल पर सैकड़ों क्विंटल स्टॉक दिखता रहता है जबकि धरातल पर गोदाम खाली मिलते हैं। क्या आनंद खाद्य सुरक्षा समिति में भी राशन का बड़ा हेरफेर हो चुका है?
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
नगरवासी और कार्डधारी मांग कर रहे हैं कि जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम तुरंत आनंद खाद्य सुरक्षा पोषण समिति (FPS ID: 411003009) का औचक निरीक्षण करे और भौतिक स्टॉक का मिलान पोर्टल के आंकड़ों से करे। यदि गोदाम में 460 क्विंटल चावल अनुपलब्ध पाया जाता है, तो दोषियों पर विधिवत कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।




