पंचायत विभाग द्वारा बोर खनन को ग्रामीण ने किया कब्जा

सारंगढ़/हिर्री- छत्तीसगढ़ सरकार लगातार ग्रामीण स्तर को जल की कमियां पूरी करने के लिए सार्वजनिक स्थानों में ग्राम मुखिया सरपँच को एजेंसी बनाकर बोर खनन करवाने के लिए लाखों रुपये पंचायत फंड पर राशि मुहैय्या करा रही है। लेकिन सरपँच और सचिव मिलीभगत करके प्रस्ताव में तो सार्वजनिक स्थान का चिन्हांकित कर रहे है लेकिन जब बोर की खोदाई करने का समय आता है तो ग्रामीण व्यक्ति से पैसा लेकर उनके निजी जगह में खोदाई करवा देते है। अगर निजी जगह न हो तो ग्रामीण व्यक्ति के घर के आस पास खोदाई करवा दे रहे है जिसे बड़े अशानि के साथ ग्रामीण कब्जा कर ले अपनी निजी स्वार्थ भून रहे है। जिससे ग्रामीण व्यक्तियों को निस्तारी करने में पानी पीने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुशार सारंगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत हिर्री का मामला सामने आया है। पूर्व सरपंच निर्धन भारद्वाज 2019 में रोड किनारे वार्ड नम्बर 01 में ताराचंद कोशले घर के सामने बोर का खनन करवाया गया हैं। जिससे मुहल्ले वासियो को अत्यंत परिशानी का सामना करना पढ रहा है बरसात में ऐसे स्थिति बनी हुई है तो गर्मी के दिनों में तो हाल बेहाल रहता ही है। और जहा बोर खनन हुआ है वहा को ग्रामीण ताराचंद कोशले के द्वारा बाउंड्रीवाल देकर बोर में कब्जा जमाया हुआ है। ऐसे में शासन की नियम और शर्ते को दरकिनार करना कही न कही सरकारी योजना और आये हुए राशि का दुरुपयोग होना नजर आता हैं जिसमे जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्यवाही करते है।
“तीखी~मिर्ची की टीम ने जब कब्जा धारी ग्रामीण से दुरभाष के माध्यम से जानकारी चाही तो ग्रामीण ने बताया कि मैं 50 हजार खर्च किया हु। ये बोर मेरा है मेरा हो गया है। (((कब्जा धारी-ताराचंद कोशले))

क्या कहते है सरपँच-
बोर को कब्जा करके रखा है उसे हटाया जावेगा मैं भी प्रयासरत हु।
((सरपँच घनाराम जोल्हे))
ग्रामीण व्यक्ति बोल रहा है कि 50
हजार खर्च किया हु तो इसमे देखने वाली बात ये है कि सरकारी बोर में 50 हजार किसको दिया होगा,यह जांच का विषय बनता नजर आ रहा है।




