चुना भठ्ठा से निकलने वाले प्रदूषण से मानव जीवन खतरे में,अधिकारी नही है गम्भीर

सारंगढ़-अंचल के टीमरलगा गांव में RK लाइन नामक चुना भठ्ठा मौजूत है जहा आपको घने बादल की तरह दिखाई देगा ये दिखने वाला गुब्बार प्रदूषण का ओ दृश्य है। जिसके चपेट में मानव जीवन अस्त वयस्त दिखाई पढ रहा है।

चुना भठ्ठा स्थित स्थानों के आस पास वाले व्यक्तिओ के घर को पहचान नही मिल पायेगा वैसे स्थिति में धूल का गुब्बार बन रहा है। चुना भठ्ठा में चिमनी लगने या न लगने का कोई मायने नही है क्योंकि धुंआ तो इतने बड़े पैमाने में बन कर उड़ रहा है कि में पेड़ पौधे का नक्शा ही बदल गया है। मानो ऐसे प्रतीत हो रहा है की बर्फ की बारिश हुई हो पूरी तरह से पेड़ो की हरियाली को खा गया,ये चुना भठ्ठा। अगर यहाँ काम करने वाले मजदूरों के बारे में जानेंगे तो आश्चर्य तब होगी जब काम करते देख लेंगे न तो मजदूरों को हेलमेट दिया गया है। न दस्ताना और न ही उनके शरीर को सुरक्षा देने के लिए न तो किसी प्रकार का किट एवेलेबल करवाया गया है।

ऐसे में क्या करे मजदूर भी, उनको तो रोजी रोटी के लिए मजबूरी में काम करना ही पड़ रहा है। आखिर अपने परिवार का देख भाल और जीवन की पहिया को चालाना भी जिम्मेदारी बन गया इस कारण मजदूर मजबूरी में काम कर रहे है,बिना किसी किट के साथ।
क्या कहते है चुना भठ्ठा के कर्मचारी
जब RK लाइन चुना भठ्ठा के कर्मचारी से बात हुआ तो सभी काम करने वाले मजदूरों को किट दिया गया हैं करके जानकारी बताया गया।
मजदूर ने क्या कहा
लेकिन दूसरी पहलू पर मजदूर से जानकारी लेने के लिए पूछा गया तो 6 महीना हो गया लेकिन अब तक किसी प्रकार का सुरक्षा किट नही दिया गया है।
ऐसे में अधिकारी क्या कार्यवाही करते है। ये प्रश्न चिन्ह के घेरे में है?
जिसमे मजदूरों की स्वास्थ्य पर भारी व्यापक असर पढ रहा है। ऐसे में सम्बंधित अधिकारी खनिज और पर्यावरण विभाग को विशेष ध्यान देने की आवश्कयता है।




