14 वे वित्त मद की राशि का सरपँच सचिव ने फर्जी बिल बनाकर किया गबन

सारंगढ:- ग्राम पंचायत कपिस्दा ब में तत्कालीन सरपँच टीकाराम मैत्री और सचिव पीताम्बर सिदार के द्वारा मिली भगत करके शासन की महत्वपूर्ण फोर्टी फाइनेंस योजना से आये राशि को गबन करके अपने आप को बेमिशाल साबित कर रहे है। 14 वे वित्त से आये हुए राशि का ग्राम पंचायत में विकास कार्य करवाना था। जिसमे सरपँच,सचिव मिलीभगत करके अपने आर्थिक स्थिति को सुधार रहे है। मिली जानकारी के अनुसार कपिस्दा ब में 1163384 रुपये आबंटन हुआ था। जिस राशि पे मूलभूत सुविधाओ को पूरा करना था लेकिन ये क्या फर्जी-फर्जी बिल व्हाउचर सो करके आये राशि को गबन कर लिया गया।
ग्राम पंचायत के पंच बताते है कि स्कूल प्रांगण को समतलीकरण करके 50 हजार का बिल सो किया गया। बताये भला स्कूल प्रांगण को समतलीकरण का क्या जरूरत स्कूल प्रांगण तो सम और बच्चों जहा खेलते कूदते है प्रेयर करवाया जाता है। वहाँ पहले से ही लेबल में था। वहाँ की क्या जरूरत समतलीकरण करवाने की जब हमने स्कूल टीचर से पता करना चाहा तो पता चला कि घांस का सिर्फ छोलाई भर किया गया है। सीसी रोड में मरम्मत का कार्य पर 50-50 हजार सो किया गया है। जबकि रोड पर सिर्फ ड़स्ट को बिछाया ही गया था। न कि मरम्मत का कार्य,पंचायत भवन में मजदूरी का भुगतान,समान रेती गिट्टी का कार्य के नाम पर फर्जी बिल वाउचर सो किया गया है। समान क्रय 50-50 हजार का क्या समान है। नाम तो दर्शाया गया होता। क्यो दर्शाए भाई ये तो शासन का पैसा है। इसको तो बंदरबाट करते है। पंचायत वाले 50 हजार से ऊपर तक का विल व्हाउचर सो किया गया मास्क,सेनेटाइजर और डेटॉल साबुन के नाम पर जबकि किसी को डेटॉल साबुन दिया ही नही गया। 11 लाख 63 हजार 384 रुपये का फर्जी बिल सो करके पूरे राशि का बंदरबांट किया गया है। सरपँच सचिव ऐसे ऐसे बिल वाऊचर सो किये है जिसकी कोई अस्तित्व नही है। पंचायतों में कार्य हुआ ही नही है।जिसमे जांच अतिआवश्यक है। शासन की ओर से प्रवासियों के लिए 14 गाइडलाइन जारी किया गया था उसका किसी प्रकार का पंचायत में सर्वपरि नही हुआ मतलब फक्र साफ साफ अवहेलना किया गया है। ऐसे ऐसे विल व्हाउचर बनाया गया। जो पंचायत के लोगो को तो दूर की बात सरपँच के अधीन रहने वाले पंच जनप्रतिनिधियो को पता नही। कब प्रस्ताव कर रहे है किसका सिग्नेचर है। किसी को पता नही ऐसे में अगर कार्यवाही नही किया गया तो सरपंचों का मनोबल बढ़ता रहेगा और शासन की आये राशि का दुरुपयोग होता रहेगा।
ऐसे ऐसे भ्रष्टाचार को उजागर करना पत्रकारों को भी महंगा पड़ जाता है क्योंकि सरपँच,सचिव मिलकर पत्रकार को अवैध उगाही की झूठी रिपोर्ट में फ़साने कि साजिद रचते है। इससे पत्रकार विरादरी भी भयभीत रहते है। इस पर सम्बंधित विभागीय अधिकारी को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए अगर संज्ञान नही लेते है तो अधिकारी तक मोटी प्रसाद की चढ़ोत्तरी हुआ लगभग तय है।
क्या कहते है सरपँच:-टीकाराम मैत्री
मेरा कोई कुछ नही कर सकता क्योंकि मैं ऐसे ऐसे विल वाऊचर सो किया हु जो पास होकर पैसा निकल गया है। इसमे जनपद के अधिकारी और नेताओं तक कमीशन दिया हु। कोई जांच नही करेगा। अगर जांच भी हुआ तो वही होगा जो मैं कहूंगा।
क्या कहते है सचिव:-पीताम्बर सिदार
एक सप्ताह टाइप रुकिए आप लोग कुछ भी मत छापिए क्योंकि मैं अपना तबादला करवा रहा हु दूसरे पंचायत और मेरे जगह खगेश्वर यादव आएगा उसके बाद आप लोग छापते रहना।




