कबाड़ की झूठी शिकायत कर खाकी को बदनाम कर व्यापारियों को लूटने की साजिश ? कपड़ा व्यापारी गुलाम मेमन का षड्यंत्र जल्द होगा उजागर ? SP, IG और DGP की चौखट पर न्याय की गुहार।

कोरबा की सड़कों पर कचरा चुनने वाले लोगो की बिखरती रोजी-रोटी की दास्तान, निजी रंजिश और वसूली के खेल में पुलिस प्रशासन की छवि और व्यवस्था पर उठाए जा रहे सवाल होंगे बेनकाब l
छत्तीसगढ़/कोरबा – औद्योगिक नगरी कोरबा का एक संवेदनशील मानवीय पहलू यह है कि यहाँ चमचमाते उद्योगों और शहरी चकाचौंध के बीच जिले भर का कचरा रद्दी कागज, कांच की शीशियां, प्लास्टिक की बोतलें और घरों से निकलने वाला कबाड़ कई परिवारों के जीने का सहारा बनता है। शहर के छोटे कबाड़ व रद्दी विक्रेता जहाँ इस बिखरे कचरे को समेटकर अपना छोटा-मोटा व्यापार चलाते हैं, वहीं इसका सबसे संवेदनशील मानवीय पहलू यह है कि इस काम से सैकड़ों गरीब परिवारों और कचरा बीनने वालों के चूल्हे जलते हैं। कड़ाके की धूप और बारिश में दिन-रात सड़कों-गलियों से प्लास्टिक और टीना बीनकर लाने वाले इन मजबूर लोगों के लिए यह सिर्फ कबाड़ नहीं बल्कि दो वक्त की सूखी रोटी का एकमात्र जरिया है।
इस बीच शहर में छोटे स्तर पर कारोबार करने वाले व्यापारियों को निशाना बनाकर प्रशासन के समक्ष मनगढ़ंत शिकायतें करने का मामला सामने आया है। रवि साहू, दीपक साहू और राजेश साहू ने पावर हाउस रोड निवासी कपड़ा व्यापारी गुलाम मेमन पिता: हाजी अमीन मेमन के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए पुलिस के उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि गुलाम मेमन द्वारा 18 अगस्त को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक झूठा व भ्रामक शिकायती पत्र दिया गया था जिसमें अवैध कबाड़ व्यवसाय चोरी का लोहा खपाने और सिंडिकेट चलाने जैसे बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि वे किसी भी प्रकार के अवैध कारोबार में संलिप्त नहीं हैं। पूर्व में वे गैराजों से बदले गए पुराने पार्ट्स खरीदकर बेचते थे और प्रशासन के निर्देशानुसार वर्तमान में काम बंद कर चुके हैं। आरोप है कि गुलाम मेमन द्वारा लगातार पैसों की मांग व अवैध उगाही की नीयत से दबाव बनाया जा रहा था और पैसे देने से मना करने पर यह झूठी शिकायत दर्ज कराई गई।
उच्चाधिकारियों तक पहुँची शिकायत, SP, IG और DGP से निष्पक्ष जांच की मांग
व्यापारियों ने गुलाम मेमन द्वारा की जा रही अवैध वसूली, ब्लैकमेलिंग और झूठी शिकायतों के खिलाफ केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि पुलिस के शीर्ष अधिकारियों तक लिखित शिकायत प्रेषित की है l इसमें पुलिस अधीक्षक SP , जिला – कोरबा पुलिस महानिरीक्षक IG, बिलासपुर रेंज, बिलासपुर से शिकायत लिखित शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक DGP, पुलिस मुख्यालय, रायपुर को प्रेषित किया गया है
शिकायतकर्ताओं ने आवेदन में स्पष्ट किया है कि गुलाम मेमन ने न केवल व्यापारियों को निशाना बनाया, बल्कि मानिकपुर चौकी प्रभारी, थाना कोतवाली प्रभारी और बालको पुलिस सहित पूरे पुलिस प्रशासन पर मिलीभगत व साठगांठ का झूठा आरोप लगाकर विभाग व शासन की छवि को धूमिल करने की कोशिश की है। एनटीपीसी, सीएसईबी और बालको जैसे बड़े सार्वजनिक व औद्योगिक उपक्रमों से कबाड़ चोरी का मनगढ़ंत दावा कर प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा करने और दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आवेदन में यह भी बताया गया है कि पूर्व में 12 नवंबर 2025 को भी इसी प्रकार की झूठी शिकायत कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था। इस मानसिक आघात और बदनामी के डर से प्रार्थी के पिता को दिल का दौरा पड़ा और उनकी मृत्यु हो गई। व्यापारियों ने आवेदन के साथ अवैध वसूली से जुड़े ऑडियो-वीडियो साक्ष्य सीडी संलग्न करने और जांच अधिकारी को उपलब्ध कराने की बात कही है। साथ ही भविष्य में जान-माल के नुकसान की आशंका जताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है।
व्यापारियों ने पुलिस महानिदेशक DGP, पुलिस महानिरीक्षक IG और पुलिस अधीक्षक SP से मांग की है कि कपड़ा व्यापारी गुलाम मेमन द्वारा प्रस्तुत झूठे व भ्रामक शिकायती पत्र को तत्काल निरस्त किया जाए तथा भारतीय न्याय संहिता BNS की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाए। व्यापारियों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति निजी खुन्नस और वसूली के लिए प्रशासनिक व्यवस्था का दुरुपयोग करता है, तो उसका सीधा असर उन निर्दोष व्यापारियों और दिन-रात कचरा बीनकर पेट भरने वाले बेसहारा परिवारों पर पड़ता है जिनकी रोजी-रोटी इस काम से जुड़ी है।








