हुनर का धमाल: बिलासपुर में बिखरे फैशन और इंटीरियर डिजाइनिंग के रंग, युवा प्रतिभाओं ने खींचा सबका ध्यान।

आकृति एकेडमी की दो दिवसीय प्रदर्शनी में दिखा आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम; आत्मनिर्भर भारत की सोच को मिल रही नई उड़ान
बिलासपुर।
न्यायधानी बिलासपुर में इन दिनों युवाओं की रचनात्मकता और हुनर के रंग बिखरे नजर आ रहे हैं। शहर की जानी-मानी संस्था ‘आकृति एकेडमी’ द्वारा आयोजित दो दिवसीय फैशन और इंटीरियर डिजाइनिंग प्रदर्शनी में युवा छात्र-छात्राओं ने अपनी अनूठी कला और कौशल से हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। शनिवार और रविवार को आयोजित इस भव्य प्रदर्शनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे और युवाओं के इस प्रयास की जमकर सराहना की।
प्रदर्शनी में एकेडमी के वर्तमान छात्रों के साथ-साथ पूर्व विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया और फैशन से लेकर टेक्सटाइल डिजाइनिंग तक के एक से बढ़कर एक नायाब नमूने पेश किए।
क्रिएटिविटी का महाकुंभ: एक ही छत के नीचे दिखे कई हुनर
इस दो दिवसीय प्रदर्शनी में करीब 50 से अधिक विद्यार्थियों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में मुख्य रूप से निम्नलिखित रचनात्मक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया था:
फैशन डिजाइनिंग:आधुनिक और पारंपरिक पहनावे का शानदार फ्यूजन।
इंटीरियर डिजाइनिंग: घर और दफ्तरों को सजाने के लिए इनोवेटिव और स्पेस-सेविंग आइडियाज।
ज्वेलरी डिजाइनिंग: पारंपरिक और समकालीन आभूषणों के आकर्षक कस्टमाइज्ड डिजाइन।
टेक्सटाइल डिजाइनिंग: कपड़ों पर की गई बेहतरीन कारीगरी और प्रिंट्स का अनोखा प्रदर्शन।
ऑन-स्पॉट ऑर्डर्स ने बढ़ाया उत्साह
विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए प्रोडक्ट्स और डिजाइन्स शहरवासियों को इस कदर पसंद आए कि प्रदर्शनी के दौरान ही कई युवाओं को सीधे कमर्शियल ऑर्डर्स भी मिल गए, जो उनके हुनर की सफलता को बयां करता है।
“नौकरी खोजने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनना है लक्ष्य” — डायरेक्टर रोमी लूथरा
आकृति एकेडमी के डायरेक्टर रोमी लूथरा ने मीडिया से चर्चा करते हुए इस आयोजन के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
“इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों द्वारा सालभर सीखे गए हुनर और कौशल (Skill) को समाज के सामने लाना है। फैशन डिजाइनिंग केवल एक कोर्स नहीं है, बल्कि यह स्किल डेवलपमेंट का एक सशक्त माध्यम है जो युवाओं को आत्मनिर्भर बनाता है। हमारा लक्ष्य विद्यार्थियों को सिर्फ नौकरी खोजने वाला (Job Seeker) बनाना नहीं, बल्कि खुद रोजगार पैदा करने वाला (Job Provider) बनाना है।”
एआई (AI) तकनीक और रचनात्मकता का तड़का
प्रदर्शनी में शामिल पूर्व छात्रा एवं जानी-मानी फैशन डिजाइनर विभा वाधवानी ने भी शिरकत की। उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए निरंतर सीखने और अपनी रचनात्मकता (Creativity) को नए आयाम देने की सलाह दी।
वहीं, एकेडमी के छात्रों ने उत्साहपूर्वक बताया कि संस्थान में उन्हें न केवल पारंपरिक डिजाइनिंग सिखाई जा रही है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित आधुनिक तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे ग्लोबल मार्केट की जरूरतों के हिसाब से खुद को तैयार कर पा रहे हैं।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
कुल मिलाकर, आकृति एकेडमी की यह प्रदर्शनी महज एक आयोजन नहीं, बल्कि बिलासपुर के युवाओं के हुनर, आत्मविश्वास और देश के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को सच करने वाला एक प्रभावशाली मंच साबित हुई है।






