ग्राम छर्रा का मामला: माणिक बंजारे और माही बंजारे पर रायपुर में सर्फ फैक्टरी खोलने का झांसा देकर धोखाधड़ी का आरोप।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ । पैसा दोगुना करने और भारी-भरकम मुनाफा कमाने का लालच देकर गरीब और मेहनतकश महिलाओं को ठगने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के थाना सिटी कोतवाली अंतर्गत ग्राम छर्रा की लगभग 40 पीड़ित महिलाओं ने माणिक बंजारे (पिता देवधर बंजारे) और माही बंजारे के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, आरोपी माणिक बंजारे और माही बंजारे ने गांव की गरीब महिलाओं को यह कहकर अपने जाल में फंसाया कि वे रायपुर में अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक “सर्फ फैक्ट्री” शुरू कर रहे हैं। आरोपियों ने महिलाओं से कहा कि यदि वे पैसा निवेश करती हैं, तो उन्हें हर महीने 10 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा।
गहने गिरवी रखे, बैंक से लिया लोन
10 फीसदी ब्याज और तगड़े मुनाफे के झांसे में आकर गांव की बेहद गरीब और मजदूर महिलाओं ने बैंक (शेयर बैंक) से अलग-अलग रकम लोन पर ली। कई महिलाओं ने तो अपने घर के गहने और जेवर तक गिरवी रख दिए। किसी ने 50 हजार, किसी ने 1 लाख, तो किसी ने 2 से 3 लाख रुपये तक की बड़ी रकम आरोपियों के हाथों में सौंप दी।
शुरुआत में दिया झांसा, फिर बंद कर दी किस्त
शुरुआती कुछ महीनों तक आरोपियों ने महिलाओं का विश्वास जीतने के लिए बैंक की किस्तों और ब्याज का भुगतान किया, लेकिन इसके बाद वे अचानक वादे से मुकर गए। अब न तो बैंक का कर्ज चुकाया जा रहा है और न ही महिलाओं को कोई ब्याज या मूल रकम वापस मिल रही है।
घरों में तगादा, उजड़ रही गृहस्थी
पीड़ित महिलाओं ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि वे सभी रोज-मजबूरी कर अपने परिवार का पेट पालती हैं। इतनी बड़ी रकम की भरपाई करना उनके लिए असंभव है। अब बैंक वाले रोजाना उनके घरों में आकर पैसों के लिए तगादा (दबाव) कर रहे हैं। इसके कारण गांव के कई घरों में पति-पत्नी और परिजनों के बीच रोज विवाद और झगड़े-झंझट की नौबत आ गई है।
पुलिस से कड़ी कार्रवाई की गुहार
ग्राम छर्रा की अमृता बंजारे, सुमन लक्ष्मे, लक्ष्मी न मनहर, सोनिया, रुकमणी, अनिता, बेदमती, रजनी, सीता, पुष्पा लक्ष्मे सहित दर्जनों पीड़ित महिलाओं ने सिटी कोतवाली थाना प्रभारी सारंगढ़ को पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला (FIR) दर्ज करने, उनकी डूबी हुई मेहनत की कमाई वापस दिलाने और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
संपादकीय
ग्रामीण इलाकों में शेयर बैंक, ऊंची ब्याज दर और कारोबार में साझेदारी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह लगातार सक्रिय हैं। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता से आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ितों को न्याय दिला पाता है।






