नियमों की धज्जियां: सारंगढ़-बिलाईगढ़ के चुरेला पेट्रोल पंप पर खुलेआम बिक रहा डब्बों में ईंधन! विडिओ आया सामने..

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी और सुरक्षा मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ाने का एक और बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस बार क्षेत्र का चुरेला स्थित पेट्रोल पंप कटघरे में है। पंप से खुलेआम बड़े-बड़े डब्बों और गैलनों में पचासों लीटर डीजल – पेट्रोल और डीजल भरकर बेचे जाने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और खाद्य विभाग व जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अन्नदाता की मजबूरी का फायदा या रसूख की मेहरबानी?
एक तरफ जहाँ इस वक्त जिले का किसान खेती-किसानी और खेतों की जुताई के लिए डीजल की एक-एक बूंद को तरस रहा है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल पंप संचालक नियमों को ताक पर रखकर चुनिंदा और रसूखदार लोगों पर मेहरबान दिख रहे हैं। किसान घंटों कतार में खड़े रहने को मजबूर हैं, लेकिन पंप प्रबंधन खुलेआम अवैध रूप से डब्बों में ईंधन की कालाबाजारी और वितरण में मस्त है।
कार्रवाई के बाद भी ‘बेखौफ’ पंप संचालक
गौरतलब है कि हाल ही में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में इसी तरह के अवैध भंडारण, परिवहन और नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन ने कई पेट्रोल पंपों को सील किया था। लेकिन, इतनी बड़ी कार्यवाहियों के बावजूद चुरेला पेट्रोल पंप प्रबंधन के हौसले इतने बुलंद हैं कि उनके भीतर न तो प्रशासन का कोई खौफ दिख रहा है और न ही कानून का डर।
सुरक्षा मानकों का सरेआम जनाजा: बड़े हादसे को सीधा न्योता
पेट्रोल और डीजल जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों को खुले डब्बों या प्लास्टिक के गैलनों में बेचना और ले जाना पेट्रोलियम अधिनियम (Petroleum Act) के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
बड़ा सवाल:यदि परिवहन के दौरान कोई छोटी सी भी चिंगारी भड़क जाती है या अनहोनी होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या जिम्मेदार विभाग किसी निर्दोष की जान जाने और बड़ी जनहानि होने के बाद ही नींद से जागेगा?
जनता में भारी आक्रोश: तत्काल सील करने और CCTV फुटेज जांच की मांग
इस खुले खेल से स्थानीय ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जनता ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग की है कि:
चुरेला पेट्रोल पंप के CCTV फुटेज की तत्काल निष्पक्ष जांच की जाए।
नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषी पेट्रोल पंप प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी मामला दर्ज किया जाए।
बिना देर किए इस पेट्रोल पंप को तत्काल सील किया जाए ताकि अन्य पंप संचालकों को भी सबक मिल सके।
नजरें अब प्रशासन की कार्रवाई पर
खबर के वायरल होने के बाद अब गेंद जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के पाले में है। क्षेत्र की जनता यह देखने का इंतजार कर रही है कि क्या प्रशासन इस पर त्वरित और सख्त एक्शन लेता है, या फिर रसूख के आगे इस गंभीर जनहित के मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?







