घठोरा सरपंच का सच आया सामने! एन.बी. ट्रेडर्स के फर्जी बिल से 13.36 लाख का आहरण!

घठोरा पंचायत में 13 लाख का फर्जीवाड़ा, बिना दुकान के बिल से हुआ भुगतान!
सारंगढ़-बिलाईगढ़: – जनपद पंचायत सारंगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत घठोरा में विकास के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए भारी भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। ग्राम पंचायत में महात्मा गाँधी रोजगार गारंटी योजना के तहत चेक डैम और आंगनबाड़ी भवन निर्माण के नाम पर सरकारी खजाने से 13 लाख रुपये से अधिक की राशि का बंदरबांट कर लिया गया है। हैरानी की बात यह है कि बिना किसी पंजीकृत फर्म के फर्जी बिल लगाकर इस पूरी राशि का आहरण (विड्रॉल) कर लिया गया।
सामग्री नदारद, कागजों पर लाखों का खेल
नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी वैध दुकान या फर्म का बिल लगाना सीधे तौर पर इशारा करता है कि धरातल पर कोई सामग्री पहुंची ही नहीं। चेक डैम और आंगनबाड़ी जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के नाम पर यह डाका सीधे तौर पर गांव के विकास पर करारा प्रहार है। बच्चों के भविष्य और जल संरक्षण के लिए आई राशि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की साठगांठ की भेंट चढ़ गई!
फर्जीवाड़े पर सरपंच का पर्दाफाश
सरपंच का दावा: जब इस मामले पर सरपंच से सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ मुकरते हुए कहा कि “एन.बी. ट्रेडर्स (नरेश बौद्ध) का कोई बिल लगाया ही नहीं गया है।”
कड़वा सच: सरपंच के दावों के विपरीत, पुख्ता दस्तावेजों और साक्ष्यों के अनुसार एन.बी. ट्रेडर्स के नाम पर 13,36,000 रुपये से अधिक का भुगतान उठाया जा चुका है।
ग्राम पंचायत घठोरा में यह पहला मामला नहीं है; अगर निष्पक्ष जांच हो तो भ्रष्टाचार के ऐसे कई और काले कारनामे उजागर होंगे। अब देखना यह होगा कि मीडिया के इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी मामले को ठंडे बस्ते में डालते हैं या दोषियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए गबन की गई राशि की वसूली करते हैं।









