सारंगढ

ग्राम पंचायत छुहीपाली में फर्जी बिलों का मायाजाल : कागजों पर निपटा मनरेगा और 15वें वित्त का काम, ग्राम पंचायत में विकास हुआ प्रभावित!

सारंगढ़-बिलाईगढ़: सारंगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत छुहीपाली विकास और निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का केंद्र बनती जा रही है। ताज़ा मामले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA/मनरेगा) एवं 15वें वित्त आयोग की राशि में भारी गबन और फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि पंचायत में जमीनी स्तर पर बिना किसी सामग्री की आपूर्ति किए केवल फर्जी कागजी बिल-वाउचर लगाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है।

मनरेगा में सामग्री (Material) भुगतान के नाम पर फर्जीवाड़े का खेल

प्राप्त दस्तावेजों और पंचायत में प्रस्तुत मटीरियल प्रोक्योरमेंट (Material Procured) की प्रतियों के अनुसार, मनरेगा के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों में सामग्री मद (Material) का फर्जी बिल लगाया गया है।नियमतः मनरेगा में सामग्री का भुगतान तभी स्वीकृत होता है जब वास्तविक रूप से गिट्टी, सीमेंट, रेत व लोहा कार्यस्थल पर पहुंचे और कार्य संपादित हो। लेकिन छुहीपाली में मनरेगा कार्यों में NB ट्रेडर्स एवं निलेश ट्रेडर्स (Nilesh Traders) तथा 15वें वित्त आयोग के कार्यों में निलेश ट्रेडर्स,ओम ट्रेडर्स (Om Traders) और अन्य ट्रेडर्स के फर्जी बिल-वाउचर संलग्न किए गए हैं।

सिर्फ कागजों में ‘ट्रेडर्स’ की एंट्री, धरातल पर आपूर्ति शून्य

स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों का स्पष्ट कहना है कि इन ट्रेडर्स का उपयोग केवल फर्जी बिलिंग और राशि आहरण के लिए किया जा रहा है। वास्तविकता यह है कि इन फर्मों/दुकानों द्वारा किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री की आपूर्ति कार्यस्थल पर नहीं की गई है।

लाखों रुपये की बोगस बिलिंग से खड़े हुए सवाल

जारी किए गए मनरेगा व पंचायत के सरकारी बिल वाउचरों में गिट्टी, सीमेंट, रेत, माइल्ड स्टील और स्कैफोल्डिंग जैसी सामग्रियों के नाम पर भारी-भरकम रकम दर्ज है:

• निलेश ट्रेडर्स: बिल नं. 20, 228,236,और 227 के ज़रिए लाखों रुपये का मटीरियल भुगतान दर्शाया गया है।
• ओम ट्रेडर्स: बिल नं. 246, 244 और 243 दर्ज कर लाखों रुपये की सामग्री खरीदी जाना दिखाया गया है।
• NB ट्रेडर्स: मनरेगा के कार्यों में सामग्री सप्लाई का फर्जी बिल लगाया गया है।

बिना धरातल पर सामग्री पहुंचे और बिना कार्य हुए, मनरेगा में सामग्री का बिल अप्रूव होना सीधे तौर पर पंचायत प्रतिनिधियों, वेंडरों और संबंधित तकनीकी अधिकारियों/इंजीनियरों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

शासन-प्रशासन और जिला कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ से पुरजोर मांग की है कि ग्राम पंचायत छुहीपाली में मनरेगा तथा 15वें वित्त योजना के तहत सामग्री मद में लगाए गए सभी बिल-वाउचरों की भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि इन बोगस बिलों और फर्जी वेंडरों के सिंडिकेट की जांच होती है, तो कई बड़े चेहरे बेनकाब होंगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ कानूनी मामला दर्ज होगा।

KRISHNA MAHILANE

EDITOR IN CHIEF https://teekhi-mirchi.com CONTACT US- 6260567537

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

BREAKING
सांसद निधि के ₹91.73 लाख की धोखाधड़ी, ठेकेदार ‘महावीर ट्रेडर्स’ के संचालक पर FIR दर्ज। छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा का रायपुर में ऐतिहासिक महासम्मेलन सम्पन्न.. पत्रकार जगन्नाथ बैरागी ने वृद्धाश्रम में मनाया जन्मदिन.. निर्माण कार्य पूर्ण, फिर भी भुगतान के लिए भटक रहीं ग्राम पंचायतें। नवरात्रि शक्ति, साहस और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक: राहुल भारद्वाज बिलाईगढ़ विधानसभा में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की बैठक संपन्न, 2028 चुनाव में जीत का संकल्प राष्ट्रीय मतदाता जागरूकता कार्यक्रम विशेष शिविर का आयोजन भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का सारंगढ़ विधानसभा स्तरीय बैठक संपन्न,प्रदेश अध्यक्ष डॉ सनम जांगड़े रहे ... पुराने बिल,नई निकासी, तिलाईदादर में 15वें वित्त की राशि पुराने बिलों के सहारे आहरण! कारगिल विजय दिवस पोस्टर मेकिंग व ड्रॉइंग प्रतियोगिता: टि्वंकल चौहान ने लहराया परचम, जीता प्रथम पुरस्...