डबरी निर्माण कार्य में जेसीबी से करवाया गया कार्य,मीडिया से बच रहे रोजगार सहायक।

सारंगढ:- ग्राम पंचायत खर्री बड़े के रोजगार सहायक सन्तोष राज ने डबरी निर्माण कार्य मे कही जेसीबी चलवाया तो कही सरकारी भूमि पर निजी डबरी को सेक्शन करवा दिया।

दरअसल भ्रष्टाचार से संलिप्त रहे रोजगार सहायक जिसकी शिकायत लगातार आते रहते है उनकी नया कारनामा अब 2018-19 में निजी डबरी निर्माण कार्य का प्रस्तावित रामचरण सिदार के नाम पर सेक्शन हुआ जिसकी डबरी का निर्माण होना था जिस पर मजदूरों को काम करवाने को अनुमति मनरेगा विभाग से सो किया जाता है। और जितने मजदूर कार्य करते है। उनके हाजिरी के तय पर भुगतान जारी होता है। रोजगार सहायक के द्वारा मस्टर रोल भरकर जारी करवाया जाता है। लेकिन यहां क्या सैया भईल कोतवाल तो काहे का डर के तर्जे पे कार्य कर रहे है। रोजगार सहायक ये हम नही बल्कि ग्रामीण हितग्राही रामचरण सिदार कह रहे है। जेसीबी से काम करवाकर रोजगार सहायक अपने अपने हितैसी व्यक्तिओ के खाते में राशि को जनरेट करवाया गया है। हितग्राही के घर मे 3 व्यक्ति है लेकिन उनके किसी के नाम पर कोई जनरेट नही है। अगर काम नही किया गया है तो जनरेट नही किये है कहकर बात को गोल मोल जवाब देगा ऐसा तो हो नही सकता क्योंकि सभी व्यक्ति चाहते है कि अपने नाम की निर्माण कार्य मे काम करके 2 पैसा कमा लू सभी सोचते है। लेकिन यहाँ तो रोजगार सहायक ने जेसीबी से काम करवाया है जिसकी लंबाई चौड़ाई भी माप दण्ड में समाहित नही है। डबरी की दशा देखकर आपको ऐहसास हो जाएगा कि डबरी निर्माण कार्य मजदूरों को छोड़कर मशीनीकरण अभिक्रिया अपनाया गया है। रोजगार सहायक की पिछले मनरेगा डबरी निर्माण की शिकायत अभी तक तहसीलदार कोर्ट में चल ही रहा है ऐसे रोजगार सहायक को हटाकर सेवा समाप्त कर देना चाहिए जो शासन की महत्वाकांक्षी योजना के नाम को धूमिल कर रहा है।
जोहर छत्तीसगढ़ की टीम ने जब रोजगार सहायक से जानकारी लेनी चाही तो सवालों के जवाब देने से बचते दिखे
क्या कहते है हितग्राही रामचरण सिदार

“मेरे डबरी को लगभग डेढ़ साल हो गया है,मैं मछली पालन करने के लिए डबरी का लाभ लेना चाहा था लेकिन रोजगार सहायक ने कहा कि सरकारी जमीन पर है और इसका शिकायत हो गया है। तो पैसा नही मिलेगा कहकर जेसीबी में काम करवाया है और अपने आपसी व्यक्तिओ के नाम पर पैसा भेज दिया है।




