भूपेश सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना सम्पन्न

भाजपा नेता खुंटे ने फेसबुक में तीन घण्टे ऑनलाइन दिया धरना
सारंगढ़: छ.ग.सरकार के विरुद्ध अपने घर पर एक दिवसीय धरना पश्चात भाजपा नेता दीनानाथ खुंटे ने कहा कि जब तक छत्तीसगढ़ की हालत सुधरेगी नही तब तक भाजपा कार्यकर्ता अपने घर मे रहते हुवे भूपेश सरकार के विफलता को उजागर करती रहेगी। उन्होंने बताया कि ग्राम खुडूभाठा, मण्डल भेड़वन-गुडेली, जिला रायगढ़ के निवासी गण छ.ग. सरकार के विरोध में कोरोना नियम का पालन करते हुए अपने घर में एक दिवसीय धरना पर बैठे हैं और छ.ग.सरकार के अकर्मण्यता, असंवेदनशीलता, अमानवीय बर्ताव, गैर जिम्मेदाराना कार्य, भ्रष्टाचार के परिणामस्वरूप प्रदेश में कोरोना का स्ट्राइक रेट देश में सबसे ज्यादा है। लाखों लोग संक्रमित हो गए हैं, हजारों लोग मौत के मुंह में समां गए हैं और छत्तीसगढ़ सरकार अगंभीर है।

भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं रायपुर जिला प्रभारी दीनानाथ खुंटे ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में पर्याप्त बेड नहीं है,आक्सीजन नहीं है, जीवन रक्षक दवाई नहीं है, दवाइयों का कालाबाजारी हो रही है, डाक्टरों के लिए पीपी किट नहीं है, डाक्टरों को हड़ताल में जाना पड़ रहा है।आए दिन लोग कोरोना के चपेट में भयावह त्रासदी झेल रहे हैं और छ.ग.सरकार राजनीति करने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के आपसी झगड़े ने प्रदेश को महामारी की गहरी खाई में ढकेल दिया है। महामारी जैसे संवेदनशील मामले में भी मुख्यमंत्री अपनी पार्टी के गुटीय लड़ाई में सह-मात की खेल खेल रहे हैं। चूंकि स्वास्थ्य मंत्री ने ढाई साल में मुख्यमंत्री बदलने की बात छेड़ दी है इसलिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री को औकात बताने के चक्कर में जानबूझकर कोविड-19 से निपटने के लिए गंभीर नहीं है ऐसा उनके गतिविधियों से प्रतीत हो रहा है। श्री खुंटेजी ने कहा कि जैसे क्रिकेट दिखाने के लिए गांव-गांव में पास बांटकर छ.ग.के लोगों को अन्य प्रांतों से आए लोगों के साथ स्टेडियम में बिठाना, कोविड की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री द्वारा बुलाए गए बैठक में उपस्थित रहने के बजाय असम में चुनाव प्रचार करना, स्वास्थ्य मंत्री के साथ महामारी पर कोई समीक्षा बैठक नहीं करना यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री कुर्सी के खींचतान के परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री दोनों एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए दांव-पेंच खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि धरना के बाद रायगढ़ कलेक्टर को ईमेल के माध्यम से महामहिम राज्यपाल महोदया जी के नाम ज्ञापन भेजा गया है जिसमे निवेदन किये है कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को निर्देशित करें की आपसी लड़ाई के कारण प्रदेश को मौत के मुंह में ना ढकेले और कोविड-19 जैसे महामारी से निपटने के लिए गंभीरता पूर्वक ठोस कदम उठाएं।





