भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य का रायपुर में भव्य स्वागत, 25 हजार दीप जलाकर मनाया गया PM मोदी का जन्मदिन

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य के रायपुर आगमन पर कार्यकर्ताओं ने राजधानी में ऐतिहासिक और भव्य स्वागत किया। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर आयोजित स्वागत कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ भव्य अभिनंदन
एयरपोर्ट पहुंचते ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का पारंपरिक एवं लोक संस्कृति के रंगों में रंगा स्वागत किया गया। इस अवसर पर डंडा नाच, पंथी नृत्य और करमा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने सभी का दिल जीत लिया। इसके पश्चात उन्होंने संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एयरपोर्ट से भाजपा कार्यालय तक निकाली गई विशाल स्वागत रैली में कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया।
25,000 दीपों से जगमगाया गुरु अमरदास बाराडेरा धाम
आयोजन का मुख्य आकर्षण गुरु अमरदास बाराडेरा धाम में आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम रहा। यहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को ‘सेवा और समर्पण’ के प्रतीक के रूप में मनाते हुए 25,000 दीप प्रज्वलित किए गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने प्रधानमंत्री के दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की। प्रदेश भर में भी विभिन्न स्थानों पर दीप जलाकर खुशियां मनाई गईं।
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, एससी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सनम जांगड़े, अखिलेश सोनी, चर्म शिल्प विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, संजय दिढ़ी, सांवला राम डाहरे, प्रदेश महामंत्रीद्वय चंद्रप्रकाश सूर्या एवं प्रदेश महामंत्री हरिनाथ खुटे, उपाध्यक्ष कुंती जांगड़े, राजेश्वर भार्गव, खेमराज बाकरे, उमेश जीभेकर, अरविंद पहरे, अनिल सोनवानी, चंदेश्वरी बांधे, गुरुदयाल पाटले, मोरध्वज गिलहरे, अवधराम बघेल, घनश्याम रात्रे, दिनेश चावरिया, डॉ. बी.आर. गौतम, उत्तम राजवंशी, टी.आर. लहरे, विजय राय, प्रवीण मांडवी, संजय मन्हारे, तुलसी बघेल, श्याम नारंग, राजेश भास्कर, योगेश सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन ने संगठन की एकजुटता, सांस्कृतिक गौरव और सेवा भावना की एक अनूठी छाप छोड़ी।





