छर्राटांगर में खेलों का महासंग्राम, 515 खिलाड़ी दिखा रहे दमखम; रायगढ़ को दो स्वर्ण
एकलव्य विद्यालय में राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आगाज, खो-खो में कांकेर बना विजेता; प्राचार्य श्री जांगड़े की व्यवस्थाओं की सराहना

घरघोड़ा/रायगढ़, 27 अक्टूबर 2026। जिले के घरघोड़ा विकासखंड स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छर्राटांगर में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता 2026-27 का शुभारंभ लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने किया। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के आठ क्लस्टरों के लगभग 515 बालक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। पहले दिन टेबल टेनिस और शॉट पुट में रायगढ़ के खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया, वहीं खो-खो के फाइनल में कांकेर क्लस्टर ने धमतरी को हराकर विजेता का खिताब अपने नाम किया।

प्रतियोगिता में बलरामपुर, बस्तर, धमतरी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़, कांकेर, सरगुजा और सुकमा क्लस्टर के खिलाड़ी विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

टेबल टेनिस में सागर ध्रुव ने जीता स्वर्ण
अंडर-14 बालक एकल टेबल टेनिस स्पर्धा में रायगढ़ के सागर ध्रुव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। फाइनल में उन्होंने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के विनायक पैंकरा को सीधे तीन सेटों में 3-0 से पराजित किया। सागर ने पहला सेट 15-13, दूसरा 11-9 और तीसरा 11-7 से जीता। विनायक पैंकरा दूसरे तथा सरगुजा के रूपेश कुमार तीसरे स्थान पर रहे।

शॉट पुट में भी रायगढ़ का दबदबा
अंडर-19 बालक शॉट पुट स्पर्धा में धरमजयगढ़ के शिवम सिरसो ने 9.99 मीटर गोला फेंककर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वाड्रफनगर के बलदेव सिंह 9.72 मीटर के साथ दूसरे और धमतरी के भावेश 8.85 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
वहीं अंडर-14 बालक वर्ग में कांकेर क्लस्टर के सुरेंद्र कोला ने 11.53 मीटर गोला फेंककर स्वर्ण पदक जीता। सुकमा के रेनूराम दूसरे और धमतरी के जीव्रा खान तीसरे स्थान पर रहे।
खो-खो के फाइनल में कांकेर ने धमतरी को हराया
खो-खो प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला कांकेर और धमतरी क्लस्टर के बीच खेला गया। मुकाबले में कांकेर ने जीत दर्ज कर विजेता का खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों में उत्साह, अनुशासन और टीम भावना देखने को मिली।

शतरंज और पारंपरिक योग में भी खिलाड़ियों ने दिखाया दम
अंडर-14 बालक शतरंज स्पर्धा में एकलव्य विद्यालय मैनपाट के आकाश टोप्पो ने पहला स्थान हासिल किया। भोरिंग के कुणाल ठाकुर दूसरे और अंतागढ़ के तामेश्वर कोरेटी तीसरे स्थान पर रहे। अंडर-19 वर्ग में बलरामपुर के नारद सिंह विजेता बने। अंतागढ़ के साहिल कुमार नरेटी दूसरे और मैनपुर के येसुर्या ध्रुवा तीसरे स्थान पर रहे।
पारंपरिक योग की अंडर-19 स्पर्धा में सरगुजा के प्रियांजल एक्का ने स्वर्ण, बलरामपुर के प्रिंस सूर्यवंशी ने रजत और रायगढ़ के दुकेश कुमार ने कांस्य पदक हासिल किया। अंडर-14 वर्ग में सरगुजा क्लस्टर के लुंड्रा के अभय मिंज प्रथम, कांकेर के आदित्य कुमार नेताम द्वितीय और बलरामपुर के अविनाश सिंह तृतीय स्थान पर रहे।
बास्केटबॉल, कबड्डी और वॉलीबॉल में भी मुकाबले
अंडर-19 बालक बास्केटबॉल प्रतियोगिता में सात टीमों ने हिस्सा लिया। कांकेर, बलरामपुर, बस्तर और सुकमा क्लस्टर की टीमों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसके अलावा कबड्डी, वॉलीबॉल और फुटबॉल सहित अन्य खेलों में भी मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं।
बेहतर व्यवस्थाओं के बीच खिलाड़ियों को मिल रहा अवसर
राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता जैसे बड़े आयोजन के सफल संचालन में विद्यालय प्रबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छर्राटांगर के प्राचार्य श्री जांगड़े के नेतृत्व में आयोजन की व्यवस्थाओं, समन्वय और विद्यार्थियों की खेल गतिविधियों को लेकर किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।
एक प्राचार्य की जिम्मेदारी केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, सुविधाओं और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देना भी उसका महत्वपूर्ण दायित्व है। खेलकूद जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धा और टीम भावना विकसित करने का अवसर देती हैं।
प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने खिलाड़ियों को खेल भावना और अनुशासन के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
विद्यालय के प्राचार्य श्री जांगड़े ने बताया कि प्रतियोगिता के पहले दिन वॉलीबॉल, कबड्डी, खो-खो, बास्केटबॉल सहित विभिन्न खेल स्पर्धाओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से आए शारीरिक शिक्षक, प्रशिक्षक और अन्य अतिथि भी उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय यह आयोजन जनजातीय विद्यार्थियों को राज्य स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान कर रहा है। विभिन्न स्पर्धाओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन से उनमें खेल कौशल, अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना को प्रोत्साहन मिल रहा है।
रिपोर्टर — सुनील जोल्हे




